बैसाखी पर योगी ने गुरुद्वारे में टेका मत्था, कहा- नहीं बनना चाहिए किसी विवाद का हिस्सा

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारा पहुंचे. योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के याहियागंज गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेका. इस दौरान ने गुरुद्वारे में बैठकर पाठ भी सुना.

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योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के याहियागंज गुरुद्वारे में जाकर मत्था योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के याहियागंज गुरुद्वारे में जाकर मत्था

जावेद अख़्तर

  • लखनऊ,
  • 13 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 1:53 PM IST

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारा पहुंचे. योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के याहियागंज गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेका. इस दौरान योगी ने गुरुद्वारे में बैठकर पाठ भी सुना.

इस मौके पर योगी बोले- हम सब को खुद को किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि सेवा का संदेश देता है. हमें उन संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात कैसे करें इस पर काम करना चाहिए. आने वाली पीढ़ियों को त्याग और सेवा का संदेश देना चाहिए. गुरु तेगबहादुर और गुरु गोविंद सिंह देश के लिए समर्पित थे. गुरु तेगबहादुर के त्याग से प्रेरणा लेनी चाहिए.

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जाति से ऊपर उठें
योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर देश को एकसूत्र में बांधने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि से ऊपर उठकर हमें देश के लिए काम करना होगा. योगी ने यहां सिख गुरुओं की भी तारीफ की. उन्होंने कहा- सिख गुरुओं का यही संदेश है कि जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम करें. योगी ने ये भी कहा कि खालसा पंथ और बैसाखी का पर्व हमें समानता का पाठ पढ़ाता है.

क्यों मनाया जाता है बैसाखी पर्व
13 अप्रैल 1699 को सिख पंथ के 10वें गुरू श्री गुरू गोबिंद सिंह जी ने की स्थापना की थी. इसके साथ ही इस दिन को मनाना शुरू किया गया था. आज ही के दिन पंजाबी नये साल की शुरुआत भी होती है.



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