मॉब लिंचिंग: श्रीकांत शर्मा बोले- कानून हाथ में लेने के खिलाफ हो रही कार्रवाई

लॉ कमीशन की सिफारिश पर योगी सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य विधि आयोग ने एक अलग कानून और आजीवन कारावास की सजा की मांग की है. हम रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे.

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श्रीकांत शर्मा (फाइल फोटो) श्रीकांत शर्मा (फाइल फोटो)

नीलांशु शुक्ला

  • लखनऊ,
  • 12 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 6:51 PM IST

उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग (लॉ कमीशन) ने मॉब लिंचिंग पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार से कानून बनाने की सिफारिश की है. लॉ कमीशन की सिफारिश पर योगी सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य विधि आयोग ने एक अलग कानून और आजीवन कारावास की सजा की मांग की है. हम रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे.

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उन्होंने आगे कहा कि लिंचिंग की घटनाएं नहीं होनी चाहिए. कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. वहीं राज्य विधि आयोग की सिफारिश पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. यूपी कांग्रेस के नेता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि हम राज्य विधि आयोग की सिफारिश का समर्थन करते हैं. मॉब लिंचिग की घटनाओं के लिए एक सख्त कानून बनाया जाना चाहिए. हालांकि जो लोग ऐसी घटनाओं में लिप्त हैं, उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी से कोई समर्थन नहीं मिलना चाहिए.

आयोग की रिपोर्ट में क्या है

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक आयोग पिछले काफी वक्त से हिंसा रोकने के तरीकों पर रिसर्च कर रहा था. अपनी रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू व कश्मीर व झारखंड राज्यों में हाल में घटित भीड़ तंत्र की हिंसा अब यूपी में भी अपने पैर पसारने लगी है. इसकी रोकथाम जरूरी है.

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आयोग का कहना है कि भीड़ हिंसा पुलिस की लापरवाही के कारण भी होती है. उन्मादी हिंसा की बढ़ती घटनाओं में पुलिस भी निशाने पर रहती है और पुलिस को जनता अपना शत्रु समझने लगती है.

आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रकार की घटनाएं न केवल गोवंश की कथित रक्षा को लेकर हो रही हैं, बल्कि चोरी, प्रेम प्रसंग, बच्चों की चोरी, रेप और कुछ अंधविश्वास जैसे भूत, प्रेत, चुड़ैल, तंत्र व मंत्र से भी संबंधित हैं. दरअसल भीड की हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की थी और राज्यों से कहा था कि वो इसे रोकने के रास्ते निकाले विधि आयोग की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी उन्मादी हिंसा पर चिंता व्यक्त की है.

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