कैराना उपचुनाव: 'गन्ना बनाम जिन्ना' के नारे से BJP को घेर रहा विपक्ष

किसान बहुल इस क्षेत्र में एकजुट विपक्ष ने बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. इस सीट पर रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसनको समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का समर्थन प्राप्त है.

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कैराना में प्रचार के दौरान जयंत चौधरी-धर्मेंद्र यादव कैराना में प्रचार के दौरान जयंत चौधरी-धर्मेंद्र यादव

मोहित ग्रोवर

  • कैराना, उत्तर प्रदेश,
  • 25 मई 2018,
  • अपडेटेड 5:54 AM IST

कर्नाटक की चुनावी जंग खत्म होने के बाद अब सभी की नज़रें उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव पर हैं. बीजेपी को घेरने के लिए यहां पूरा विपक्ष एकजुट है. 28 मई को होने वाले मतदान से पहले राजनीतिक दलों के बड़े चेहरे भी मैदान में उतर गए हैं.

किसान बहुल इस क्षेत्र में एकजुट विपक्ष ने बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. इस सीट पर रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का समर्थन प्राप्त है. विपक्ष इस चुनाव में गन्ना बनाम जिन्ना के नारे के साथ बीजेपी को घेरने का काम कर रहा है.

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रालोद नेता जयंत चौधरी का कहना है कि एक तरफ हम लोग यहां गन्ना किसानों की समस्या की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी जिन्ना का राग अलाप कर ध्यान भटका रही है. जयंत बोले कि आज किसान परेशान है, राज्य सरकार ने बिजली के दाम पिछले 5 महीने में दो बार बढ़ा दिए हैं.

उन्होंने कहा कि मैंने करीब 140 गांव का दौरा किया है, हर जगह किसान की हालत खस्ता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को सबक सिखाने के लिए सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हैं. जयंत ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करने के दिन अब लद गए हैं, इस चुनाव के बाद बीजेपी हिंदू-मुस्लिम कार्ड नहीं चल पाएगी.

कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली का दाम बढ़ने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, हम बस ये चाहते हैं कि जो भी पार्टी जीते वह इस समस्या का समाधान करे. लोगों ने कहा कि आज सीएम साहब हमारे यहां आ रहे हैं, उम्मीद है कि वो कुछ फैसला लेंगे. वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बातचीत के दौरान कहा कि बीजेपी की वजह से सांप्रदायिक तनाव बढ़ता है, इसलिए हम उसे वोट नहीं करेंगे.

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आपको बता दें कि कैराना में करीब 15 लाख वोटर हैं. जिसमें करीब 5 लाख वोट मुस्लिमों के हैं. अगर हिंदू वोटरों की बात करें तो करीब 2 लाख दलित, जिसके बाद कश्यप, ब्राह्मण, राजपूत और गुर्जर वोटर काफी संख्या में मौजूद हैं.

गौरतलब है कि कैराना लोकसभा सीट बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद से खाली है, बीजेपी ने उनकी बेटी मृंगाका सिंह को ही अपना उम्मीदवार बनाया है. 2014 के लोकसभा चुनाव में हुकुम सिंह ने यहां करीब 3 लाख वोटों के अंतर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराया था.

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