करणी सेना से किनारा, श्री श्री की पहल पर सवाल टाल गए रविशंकर प्रसाद

पद्मावती के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. रविशंकर के मुताबिक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख समय आने पर सूचना और प्रसारण मंत्री द्वारा रखा जाएगा.

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रविशंकर प्रसाद, केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, केन्द्रीय कानून मंत्री

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 16 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:18 PM IST

मोदी कैबिनेट की गुरुवार को हुई बैठक में निम्न-मध्यम वर्ग के लिए घर का रास्ता और आसान करने का फैसला लिया गया. कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने के लिए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मीडिया के सामने आए. उन्होंने देश का ध्यान अमेरिकी थिंक टैंक की उस रिपोर्ट की ओर भी खींचा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सबसे लोकप्रिय नेता होने की बात कही गई है. हालांकि इस समय खबरों में बने दो सबसे बड़े मुद्दों पर उन्होंने चुप्पी साध ली.

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रविशंकर प्रसाद की प्रेस वार्ता के दौरान पूछा गया कि पद्मावती फिल्म पर करणी सेना द्वारा उठाए गए विवाद पर सरकार का क्या रुख है? गौरतलब है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर देशभर में बवाल मचा हुआ है. यहां तक कि संजय लीला भंसाली के सिर पर 5 करोड़ का इनाम और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काटने तक की खुलेआम धमकी दी जा रही हैं लेकिन केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप के मूड में नहीं है.

पद्मावती के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. रविशंकर के मुताबिक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख समय आने पर सूचना और प्रसारण मंत्री द्वारा रखा जाएगा.

वहीं राम मंदिर के मुद्दे पर आम सहमति बनाने के लिए श्री श्री रविशंकर देशभर में धर्मगुरुओं और इस विवाद से जुड़े पक्षों से मुलाकात कर रहे हैं. राम मंदिर बीजेपी की राजनीति का केंद्र बिंदु कहा जाता है लेकिन जब रविशंकर प्रसाद से इस बारे में सरकार के रुख पर सवाल किया गया तो उन्होंने ये कहते हुए कन्नी काट ली कि श्री श्री रविशंकर का विषय श्री श्री रविशंकर के पास रहने दिया जाए और मामले पर कानून मंत्री रविशंकर से सवाल न किया जाए.

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