CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट में पेशी से 1 दिन पहले मांगी बिना शर्त माफी

एके शर्मा सीबीआई में संयुक्त निदेशक थे मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की जांच कर रहे थे. लेकिन सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनने के बाद नागेश्वर राव ने उनका तबादला कर दिया.

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नागेश्वर राव, अतिरिक्त निदेशक, सीबीआई (फाइल फोटो) नागेश्वर राव, अतिरिक्त निदेशक, सीबीआई (फाइल फोटो)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी के ट्रांसफर मामले में न्यायालय की अवमानना का मामला झेल रहे एजेंसी के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है. राव ने सोमवार को अपना माफीनामा कोर्ट में तब दाखिल किया जब इस मामले में चीफ जस्टिस की कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होनी है. उन्होंने अपने माफीनामे में कहा है कि उन्होंने जानबूझ कर अदालत की अवमानना नहीं की.

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना के मामले में भेजे गए कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए नागेश्वर राव ने कहा है कि उन्हें इस बात का एहसास है कि उन्हें मुजफ्फरपुर मामले की जांच कर रहे अधिकारी ए. के. शर्मा का तबादला कोर्ट की इजाजत के बिना नहीं करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि वे ईमानदारी से अपनी गलती स्वीकार करते हैं और बिना शर्त माफी मांगते हुए कहना चाहते हैं कि उन्होंने जानबूझ कर माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना नहीं की, क्योंकि ऐसा करने की सपने में भी नहीं सोच सकता.

गौतरलब है कि 7 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने नागेश्वर नाव को जमकर फटकार लगाई थी. मुजफ्फरपुर मामले कोर्ट पहले ही साफ कर चुकी थी कि जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का ट्रांसफर बिना न्यायालय की इजाजत के नहीं किया जाए. लेकिन सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारी आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच मचे घमासान के बाद केंद्र सरकार ने सीवीसी की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया और रातों रात नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया. इसके बाद नागेश्वर राव ने एके शर्मा समेत कई अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया.

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सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी के अपने आदेश में नागेश्वर राव और एक अन्य अधिकारी को प्रथम दृष्टया कोर्ट की अवमानना का दोषी माना और कहा कि राव ने कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी को शर्मा का ट्रांसफर न किए जाने के आदेश के बारे में नहीं बताया. सीबीआई के इन दोनों अधिकारियों को तलब करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, 'आपने हमारे आदेश के साथ खिलवाड़ किया. ईश्वर आपकी रक्षा करे.'

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की गंभीरता को देखते हुए अब मंगलवार को पेशी से एक दिन पहले नागेश्वर राव ने सुप्रीम कोर्ट में माफीनामा दाखिल कर दिया. उन्होंने अपने माफीनामे कहा, "मैं दृढ़तापूर्वक अपनी गलती मानते हुए माननीय न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगता हूं. मैं सम्मानपूर्वक प्रार्थना करता हूं कि माननीय न्यायालय भी इसे स्वीकार करने की कृपा करेगा.''

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