नोटबंदी से परेशान हैं चोर और नक्सली !

आम जनता तो लाइन में लगकर अपने ही रुपयों की जुगत में लगी है वही अवांछित तत्व भी लगातार इस कोशिशों में लगे हुए है कि कैसे अपने अस्तित्व को बचाया जाए.

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नक्सली झेल रहे नोटबंदी से परेशानी नक्सली झेल रहे नोटबंदी से परेशानी

राकेश चंद्रा

  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही आतंकवादियों, नक्सलियों एवं चोरों में अफरातफरी मची हुई हैं. जिसको जहां मौका मिल रहा हैं वो वहीं घात लगाकर बैठा हुआ हैं. सरकार ने बैंकों को इस बारे में सचेत कर दिया हैं. अराजक तत्वों में अफरातफरी का आलम यह है कि आठ नवंबर के बाद देश के हर भाग से बैंकों में लूट की घटनाए सामने आ रही हैं. आर्थिक तंगी से जूझ रहे परेशान आतंकवादियों ने सोमवार को कश्मीर के मलपोरा-बडगाम में जम्मू-कश्मीर बैंक से लगभग 12 लाख रूपये की नकदी लूट लिए. 22 नवंबर को किश्तवाड़ में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा से कुछ अज्ञात लोगों ने 34 लाख रुपये लूट लिए यह वारदात सरथाल इलाके में हुई थी.

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आम जनता तो लाइन में लगकर अपने ही रुपयों की जुगत में लगी है वही अवांछित तत्व भी लगातार इस कोशिशों में लगे हुए है कि कैसे अपने अस्तित्व को बचाया जाए. आठ नवम्बर के बाद तो बैंको में लगातर लूट की घटनाओं में वृद्धि होती ही जा रही है, दरसअल नोटबंदी का मुख्य मकसद आतंकवादियों की फंडिंग को रोकना, अर्थव्यवस्था में घुल मिल गए जाली नोटों को समाप्त करना था.

जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा दो आतंकवादी मारे जाने के बाद उनके पास से दो हजार रुपए के दो नए नोट बरामद हुए थे. प्रश्न यह उठ रहा है की जहां एक ओर देश में लोगों को अभी भी दो हजार के नोट नहीं मिले रहे हैं, तो आतंकवादियों के पास कहा से नोट आये. पिछले कुछ दिनों में कई चोरी और लूटपाट के मामले सामने भी आए है.

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नोटबंदी के शुरू होते हे इसका असर नक्सलवाद प्रभावित राज्यों पड़ना शुरू हुआ. आज हालात यह हैं कि 8 नवंबर के बाद से अब तक कुल 469 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं. पिछले 28 दिनों में 564 नक्सलियों और उनके समर्थकों ने सरेंडर किया है.


हरियाणा ( सोनीपत ) के सैदपुर गांव में बदमाशों ने ओरियंटल बैंक आफ कॉमर्स की शाखा से 1.20 करोड़ रुपये पर हाथ साफ कर दिए थे. मज़ेदार बात यह है कि 1.20 करोड़ रुपये में से मात्र 75 हजार रुपये के नए नोट चोरी हुए हैं. चोरी के बाद जब चोरों को पता चला होगा तो सिर कोस रहे होंगे.


23 नवंबर को बेंगलुरु में एक कैश वैन का ड्राइवर 1.37 करोड़ के नए नोट लेकर फरार हो गया. कैश वैन से नकदी बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में डालने के लिए ले जाई जा रही थी. मामला बेंगलुरू के केजी रोड का है.

रात भर बजाया हथौड़ा कुछ न आया हाथ
स्टेट बैंक आफ पटियाला की खिजराबाद ब्रांच में चोरों ने रात को सेंधमारी कर बैंक के स्ट्रांग रूम लॉकर तोड़ डाले. लेकिन चोर कैश लूटने में कामयाब नहीं हो सके. बदमाशों ने हथौड़े मोटे पेंचकस से स्ट्रांग रूम को खोलने की कोशिश की, लेकिन स्ट्रांग रूम का हैंडल टूट गया. चोरों ने उसे खोलने के लिए स्ट्रांग रूम पर जमकर हथौड़े चलाए, लेकिन कामयाब नहीं हो सके.

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1.15 करोड़ रुपए की लूट
21 नवंबर को ओडिशा के ग्राम्य बैंक की शाखा (धेनकनाल टाउन ) से 1.15 करोड़ रुपये लूटे गए. लूटे गए सारे नोट 500 और 1000 रुपए के थे.

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