विकलांगता पेंशन विवाद: वित्त मंत्री के इंटरनल नोट से मामला और गर्माया

सेवारत कुछ अधिकारियों का मानना है कि सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारी विकलांगता पेंशन का दुरुपयोग करते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि इसे हटा देना चाहिए.

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (टि्वटर) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (टि्वटर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

सैन्य बलों में विकलांगता पेंशन मामले में एक और नया विवाद सामने आया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक इंटरनल नोट सोशल नेटवर्किंग साइट टि्वटर पर सामने आया है जिसमें सैन्य बलों की पेंशन पर टैक्स लगाने को सही ठहराया गया है.

वित्त मंत्री ने विकलांगता पेंशन पर टैक्स लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने वालों को जवाब के रूप में मंगलवार को एक ट्वीट किया जिसमें इंटरनल नोट को "विकलांगता पेंशन पर टैक्स के मुद्दे पर सेना की प्रतिक्रिया" कहा गया है. इसके जवाब में आर्मी ने अपने टि्वटर हैंडल से एक ट्वीट किया और लिखा, 'भारतीय सेना अपने उन सभी स्टाफ को लेकर फिक्रमंद है जो नौकरी के दौरान युद्ध या अन्य कारणों से बाहर हो गए हैं. ऐसे लोगों के लिए हम अतिरिक्त मदद चाहते हैं और उन लोगों को हतोत्साहित करना चाहते हैं जो अपनी विकलांगता की वजह से वित्तीय लाभ पाते हैं.'

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टि्वटर पर सामने आए नोट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 'कुछ बेईमान कर्मचारियों ने सिस्टम का काफी शोषण किया है जिन्होंने विकलांग फौजियों को मिलने वाले सरकारी लाभ प्राप्त किए हैं.' हाल के वर्षों में सैन्य बलों के कर्मचारी अपनी कुछ बीमारियों को विकलांगता दिखाकर टैक्स में छूट लेते देखे जा रहे हैं. आर्मी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि यह चलन काफी चिंताजनक है क्योंकि देश के सामने सुरक्षा की चुनौतियां पहले की तुलना में काफी बढ़ी हैं.

सरकार विकलांग सैनिकों को मिलने वाली पेंशन पर अब इनकम टैक्स लगाने की तैयारी में है. हालांकि वे सैनिक जो अपनी विकलांगता के कारण सेना में सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं और विकलांगता के चलते नौकरी छोड़नी पड़ रही है उन्हें इस आयकर छूट का लाभ मिलता रहेगा. वैसे लोगों को सरकार का यह फैसला काफी सख्त लग रहा है जो युद्ध के कारण विकलांगता के बावजूद अपनी सेवाएं देना चाह रहे हैं.

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वित्त मंत्रालय ने अपने इस फैसले को लेकर सर्कुलर जारी किया है आम लोगों से सुझाव आमंत्रित किए हैं. सर्कुलर में कहा गया है कि इस मुद्दे पर विस्तृत पड़ताल की गई है और 21 मार्च, 1922 को जारी असली नोटिफिकेशन में स्पष्ट है कि टैक्स में छूट वे ही ले पाएंगे जो अपनी सेवा के कारण विकलांगता के शिकार हुए. इसी को आधार बनाते हुए पेंशन पर टैक्स लगाने का फैसला किया गया.

सेवारत कुछ अधिकारियों का मानना है कि सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारी विकलांगता पेंशन का दुरुपयोग करते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि इसे हटा देना चाहिए. एक अधिकारी ने कहा, 'भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए हमारे पास कारगर सिस्टम होना चाहिए. योजनाओं का शोषण न हो इसके लिए हमारे पास कामकाज की सख्त प्रणाली होनी चाहिए.' सेना के कई रिटायर्ड अधिकारी टि्वटर पर सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं. इन्हें इस बात पर भी नाराजगी है कि वित्त मंत्री ने इंटरनल नोट टि्वटर पर डाला. सेना के कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि टैक्स छूट का खामियाजा सिर्फ आर्मी ही भुगतेगी या नेवी और एयरफोर्स भी इससे वंचित होंगे.       

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