दिल्ली में 5 मौतों की खबर निकली अफवाह, 4 FIR दर्ज, पाकिस्तान के कई हैंडल रडार पर

दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी और अफवाहें फैलाने के मामले में पुलिस ने चार FIR दर्ज की हैं. पाकिस्तान से संचालित कई सोशल मीडिया हैंडल भी जांच के दायरे में हैं. पुलिस के मुताबिक, करीब 500 भ्रामक पोस्ट हटाई गई हैं. पुलिस ने फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

Advertisement
दिल्ली में अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा. (Photo: PTI) दिल्ली में अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस का शिकंजा. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और भ्रामक दावे करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. दिल्ली पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ चार FIR दर्ज की हैं, जिन पर कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने, भारत विरोधी नैरेटिव बनाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोप हैं. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, जांच के दायरे में पाकिस्तान से संचालित कई सोशल मीडिया हैंडल भी हैं. इन हैंडल पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों को लेकर ऐसे पोस्ट और दावे साझा किए, जिनसे लोगों के बीच भ्रम फैल सकता था और अशांति पैदा हो सकती थी.

Advertisement

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को कई सोशल मीडिया हैंडल ने कथित तौर पर यह गलत दावा फैलाया कि दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे दावे भ्रामक जानकारी फैलाने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश का हिस्सा थे. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन पोस्ट को किन हैंडल से साझा किया गया और उनका मकसद क्या था. अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखी जा रही है, ताकि अफवाहों के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति खराब न हो.

पाकिस्तान से चल रहे कई सोशल मीडिया हैंडल भी जांच के घेरे में

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन को लेकर भारत विरोधी नैरेटिव फैलाने के आरोप में पाकिस्तान से संचालित कई सोशल मीडिया हैंडल की भी निगरानी की जा रही है. पुलिस ने कार्रवाई के तहत पाकिस्तान आधारित कई सोशल मीडिया हैंडल को निष्क्रिय भी कराया है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले पोस्ट की पहचान की जा रही है. इसके लिए अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही सामग्री पर नजर रखी जा रही है. जिन पोस्ट में कथित तौर पर फर्जी दावे, भ्रामक जानकारी या लोगों को भड़काने वाली सामग्री मिली है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

Advertisement

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या लोगों के बीच अशांति पैदा करने के मकसद से साझा की गई करीब 500 पोस्ट हटाई गई हैं. पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी का उद्देश्य ऐसी सामग्री की पहचान करना है, जिसमें गलत जानकारी दी गई हो, पुराने या बदले हुए वीडियो का इस्तेमाल किया गया हो या किसी घटना को लेकर भ्रामक दावा किया गया हो. पुलिस की टीमें विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की जांच कर रही हैं. अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी सामग्री के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा रही है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो.

सोमवार को दिल्ली पुलिस ने एक सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इस हैंडल पर INDIA गठबंधन की सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाली गई रैली को लेकर पुलिस फायरिंग की कथित भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप है. सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में दावा किया गया था कि दिल्ली पुलिस ने रैली के दौरान गोलीबारी की, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई. पोस्ट में लोगों से सड़कों पर उतरने और दिल्ली को जाम करने की अपील भी की गई थी. दिल्ली पुलिस ने इस दावे को अफवाह बताते हुए लोगों से ऐसी जानकारी पर भरोसा नहीं करने और उसे आगे साझा नहीं करने की अपील की.

Advertisement

@indiantiwari01 हैंडल को लेकर पुलिस ने क्या कहा

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी कर @indiantiwari01 हैंडल का जिक्र किया. पुलिस के मुताबिक, इस हैंडल का पहले भी कथित तौर पर एडिट किए गए मीडिया कंटेंट, पुराने फुटेज और मनगढ़ंत नैरेटिव साझा करने का रिकॉर्ड रहा है. पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की अफवाहों के झांसे में न आएं और न ही उन्हें आगे फैलाएं. पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर दुर्भावनापूर्ण अफवाहें फैलाना दंडनीय अपराध है और संबंधित हैंडल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनों से जुड़ी आपत्तिजनक और कथित तौर पर भ्रामक सामग्री हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से भी संपर्क किया है. पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निगरानी का मकसद फर्जी कंटेंट, गलत दावों और ऐसी पोस्ट की पहचान करना है, जिनसे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है. पुलिस टीमें लगातार सोशल मीडिया पर साझा की जा रही सामग्री को स्कैन कर रही हैं. दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने या लोगों को अशांति के लिए उकसाने वाली सामग्री के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शनों से जुड़ी गलत जानकारी लोगों तक न पहुंचे और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की सच्चाई जांचे बिना उन्हें साझा न किया जाए.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »