राजपूतों को मनाने निकलीं वसुंधरा, गौरव यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत

वसुंधरा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को हर क्षेत्र में आना चाहिए, पत्रकारों की दीर्घा में एक भी महिला ना होने पर उन्होंने कहा कि महिलाएं आजकल हर क्षेत्र में हैं, लेकिन जैसलमेर में एक भी महिला पत्रकार नहीं है.

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मारवाड़ के जैसलमेर से की है दूसरे चरण की गौरव यात्रा की शुरुआत मारवाड़ के जैसलमेर से की है दूसरे चरण की गौरव यात्रा की शुरुआत

परमीता शर्मा / शरत कुमार

  • जैसलमेर,
  • 25 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 9:29 AM IST

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने दूसरे चरण की गौरव यात्रा की शुरुआत मारवाड़ के जैसलमेर से की है. यात्रा की शुरुआत महिला सम्मेलन से करते हुए वसुंधरा ने कहा कि राजस्थान की हर नारी मुख्यमंत्री है. वसुंधरा इस इलाके के नाराज राजपूतों को मनाने के लिए क्षत्राणी सम्मेलन से गौरव यात्रा की शुरुआत करना चाहती थीं लेकिन राजपूतों के विरोध को देखते हुए इसका नाम बदलकर सर्वजाति शक्ति सम्मेलन कर दिया गया.

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इस दौरान महिला शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए वसुंधरा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को हर क्षेत्र में आना चाहिए, पत्रकारों की दीर्घा में एक भी महिला ना होने पर उन्होंने कहा कि महिलाएं आजकल हर क्षेत्र में हैं, लेकिन जैसलमेर में एक भी महिला पत्रकार नहीं हैं. उम्मीद करती हूं कि इस क्षेत्र में महिलाएं सामने आएंगी.

कई योजनाओं का किया जिक्र

अपनी योजना बताते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि भामाशाह योजना महिला सशक्तिकरण की देश की पहली योजना है जिसमें महिला को परिवार का मुखिया बना कर सभी सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे उनके खाते में डाला जा रहा है. मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजश्री योजना ने बेटी के पैदा होने पर खुशियां बाटने का काम किया जिसमें हमारी सरकार बेटी के पैदा होने से लेकर लगातार सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पास करने तक पचास हजार रुपए देती है. बाद में होनहार बच्चों को स्कूटी, लैपटॉप व स्कॉलरशिप भी दी जाती है.

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'महिलाओं को देवी शक्ति के रूप में प्रणाम करती हूं'

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि महिलाओं के जीवन में चाहे जितनी भी चुनौतियां आएं, वे हर चुनौती को मात देकर आगे बढ़ना बखूबी जानती हैं. उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते मेरे सामने भी कई चुनौतियां आती हैं, तब आप जैसी साहसी और ऊजार्वान महिलाओं को देखकर ही मुझे आगे बढ़ने का हौसला मिलता है. उन्होंने कहा कि मैं 36 की 36 कौम को साथ लेकर चलती हूं, लेकिन महिलाओं के बीच आकर मेरी हिम्मत और हौसला दोगुना हो जाता है. आपका साथ मुझे एक नई ऊर्जा देता हैं. मैं महिलाओं को देवी शक्ति के रूप में प्रणाम करती हूं.

इसके बाद वसुंधरा राजे ने जैसलमेर जिले के रामदेवरा कस्बे में बाबा रामदेव के मंदिर में पहुंचकर पूजा की. इसके बाद वो रामदेव के मंदिर में पहुंची व समाधि के दर्शन किए व राजस्थान की गौरव यात्रा की सफलता की कामना की. उन्होंने मंदिर में मखाने- मिश्री का प्रसान चढ़ाया साथ ही भव्य आरती में हिस्सा लिया. वसुंधरा काफी देर तक बाबा रामदेव की समाधि में ध्यानमग्न होकर बैठी रहीं तथा मंदिर परिसर में ही मौजूद साधु संतों से आर्शीवाद भी लिया. इसके बाद उन्होंने रामदेवरा में एक विशाल आमसभा को संबोधित किया.

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बता दें कि राजस्थान गौरव यात्रा की शुरुआत सीएम राजे ने मेवाड़ के ही राजसमंद से शुरू की थी. क्योंकि राजस्थान की राजनीति में ऐसा माना जाता है कि जो मेवाड़ जीतता है वही राजस्थान जीतता है.

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