पंजाब में पेपर लीक पर गरमाई सियासत, अकाली दल ने मांगा AAP के दो मंत्रियों का इस्तीफा

NEET-UG विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की गूंज अब पंजाब पहुंच गई है. शिरोमणि अकाली दल ने पेपर लीक के मामलों को लेकर AAP सरकार के दो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है.

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पंजाब में पेपर लीक पर अकाली दल का 'आप' सरकार के खिलाफ विरोध. (Photo: ITG) पंजाब में पेपर लीक पर अकाली दल का 'आप' सरकार के खिलाफ विरोध. (Photo: ITG)

अमन भारद्वाज

  • चंडीगढ़,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

दिल्ली में NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब पंजाब में भी पेपर लीक का मुद्दा गरमा गया है. शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह से इस्तीफे की मांग की है. पार्टी का कहना है कि जब केंद्र में जवाबदेही तय हो सकती है तो पंजाब में बार-बार पेपर लीक के मामलों पर मंत्री जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते.

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SAD के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में हुई परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी संबंधित मंत्रियों को लेनी चाहिए. उनका कहना है कि जिस तरह NEET-UG विवाद के दौरान धर्मेंद्र प्रधान से जवाबदेही तय करने की मांग उठी थी, उसी तरह पंजाब में भी मंत्रियों को पद छोड़ना चाहिए. अर्शदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, लेकिन पंजाब में बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद अपने मंत्रियों पर चुप्पी साध ली. उन्होंने इसे पार्टी का 'दोहरे मापदंड' वाला रवैया बताया.

'चार साल में छह बार पेपर लीक'

SAD का दावा है कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए, जिनसे पांच लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए. पार्टी के मुताबिक, मई 2022 में नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जिससे करीब 42 हजार उम्मीदवार प्रभावित हुए. वर्ष 2023 में TET परीक्षा का पेपर लीक होने से लगभग एक लाख अभ्यर्थियों पर असर पड़ा.

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क्लेर ने यह भी दावा किया कि 12वीं अंग्रेजी का पेपर लीक होने से करीब ढाई लाख छात्र प्रभावित हुए. इसके अलावा जून 2024 में ADO परीक्षा, दिसंबर 2025 में सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड की परीक्षा और हाल में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक के मामले सामने आए.

'सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई'

SAD ने आरोप लगाया कि मनीष सिसोदिया ने पंजाब में पेपर लीक की घटनाओं से इनकार कर पूरे मामले को हल्का दिखाने की कोशिश की. पार्टी का कहना है कि सरकार गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है. अकाली दल का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए अभियान जारी रखेगी.

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