मान सरकार की नई पहल, सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में HIV, हेपेटाइटिस-B और C की जांच जल्द शुरू

पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में HIV, हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C की ट्रिपल एच स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला लिया है. यह पहल नशे के दुरुपयोग और संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए है.

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भगवंत मान सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत जल्द शुरू होगी ट्रिपल एच स्क्रीनिंग (Photo: ITG) भगवंत मान सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत जल्द शुरू होगी ट्रिपल एच स्क्रीनिंग (Photo: ITG)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 03 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

पंजाब में HIV, हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C की जांच के लिए ट्रिपल एच स्क्रीनिंग बहुत जल्द ही सरकारी नशा मुक्ति एवं रिहैबलिटेशन सेंटर्स में शुरू होने जा रही है. भगवंत मान सरकार की 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत यह फैसला लिया गया है.

इससे पंजाब में नशे के दुरुपयोग और संक्रामक बीमारियों के खिलाफ जारी लड़ाई को और ताकत मिलेगी. इसका उद्देश्य पंजाब में नशे के साथ ही संक्रमणों को रोकना भी है. HIV, हेपाटाइटिस-बी और हेपाटाइटिस-सी जैसी वायरल बीमारियां संक्रमित सुई और सिरिंज साझा करने से फैल सकती हैं.

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ऐसे में इन संक्रमणों की समय पर पहचान करना और इलाज नशे की लत से उबर रहे लोगों को स्वस्थ जीवन और समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में मदद कर सकता है. 

अब तक HIV और हेपेटाइटिस की जांच के लिए लगभग दो महीने के अंतर पर कैंप लगाए जाते थे. इन कैंपों में जांच तो होती थी लेकिन यह पता लगाना मुश्किल था कि किसने जांच कराई, कौन जांच से छूटा और किसे आगे इलाज की जरूरत है. 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने क्या कहा?

अब नई व्यवस्था में जांच को सिर्फ कैंप तक सीमित नहीं रखा जाएगा. इसे सीधे नशा मुक्ति और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा. इससे नियमित जांच हो पाएगी और ऐसे लोगों की पहचान भी की जा सकेगी जिन्हें आगे इलाज या लगातार बेहतर मेडिकल देखभाल की जरूरत है. 

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इंजेक्शन के जरिए नशा लेने वाले लोगों में खून से फैलने वाले संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. इसलिए इन बीमारियों की समय पर पहचान बहुत जरूरी है, ताकि सही इलाज हो सके. 

यह भी पढ़ें: पंजाब में ड्रग्स मामले पर बढ़ा बवाल, संगरूर में सीएम भगवंत मान के घर के बाहर भारी हंगामा.

उनका कहना है कि उनकी सरकार का उद्देश्य सिर्फ लोगों को नशे की लत से निकालना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवन और समाज में सार्थक योगदान देने के लिए भी सक्षम बनाना है. उन्होंने कहा कि पहले अगर कोई जांच शिविर में शामिल नहीं हो पाता था तो उसे अगले कैंप तक कई हफ्तों इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब नशा मुक्ति सेवाओं के साथ जांच को जोड़ने से राज्य को उन लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिन्हें जांच की जरूरत है. 

उनके मुताबिक, यह फैसला संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इससे पहले अगस्त में डॉ. बलबीर सिंह ने पंजाब में खून से फैलने वाले संक्रमणों, जैसे HIV, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की जल्द पहचान और रक्त सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (एनएटी) और केमिल्यूमिनेसेंस इम्यूनोऐसे (सीएलआईए) जैसी उन्नत जांच तकनीकों को अपनाने की घोषणा की थी.

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सभी आम आदमी क्लीनिकों में इन तीनों संक्रमण के मुफ्त इलाज

राज्य के सभी आम आदमी क्लीनिकों में इन तीनों संक्रमणों की जांच मुफ्त में उपलब्ध है. ये संक्रमण कई सालों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में मौजूद रह सकते हैं, जबकि इस दौरान बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है. हालांकि, समय पर जांच और उचित इलाज से मरीज स्वस्थ होकर बेहतर जीवन जी सकते हैं. 

ट्रिपल एच स्क्रीनिंग को नशा मुक्ति सेवाओं के साथ जोड़ना नशे की समस्या के उपचार के प्रति सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है. निजी केंद्रों में इस व्यवस्था की शुरुआत हो चुकी है, जबकि सरकारी केंद्रों में इसे जल्द लागू किए जाने की उम्मीद है, इस पहल का उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उपलब्ध देखभाल की पूरी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाना है.

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