पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव सुवाह वाला में 50 हजार रुपये के कर्ज को लेकर एक बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि रकम वापस मांगने पर एक व्यक्ति ने अपने परिवार के साथ मिलकर बुजुर्ग को घर के अंदर खींच लिया और डंडों से जमकर पीटा. इस दौरान उसके मुंह और आंखों में मिर्च डालने का भी आरोप है. गंभीर हालत में बुजुर्ग की मौत हो गई. पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हुई है.
मृतक की पहचान हंसा सिंह के रूप में हुई है. उसके बेटे ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन बार-बार अनुरोध करने के बावजूद पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया. परिवार का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते बीच-बचाव करती तो उसके पिता की जान बच सकती थी. बेटे ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में ही मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया.
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मृतक के बड़े भाई समर सिंह ने बताया कि हंसा सिंह ने करीब छह महीने पहले अपने पड़ोसी बिट्टू सिंह को 50 हजार रुपये ब्याज पर दिए थे. हंसा सिंह कई बार अपनी रकम वापस मांग चुका था, लेकिन बिट्टू सिंह पैसे नहीं लौटा रहा था. परिवार के मुताबिक, इसी रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था.
सड़क से घर में खींचकर ले जाने का आरोप
समर सिंह के मुताबिक, घटना गत शाम करीब 4:15 बजे की है. हंसा सिंह गांव की बाहरी सड़क पर टहल रहा था. इसी दौरान वह बिट्टू सिंह के घर के पास से गुजरा. आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उसे जबरन घर के अंदर खींच लिया और मारपीट शुरू कर दी. परिजनों का कहना है कि हंसा सिंह को बुरी तरह पीटा गया.
परिवार के अनुसार, उसे डंडों से मारने के साथ ही मुंह और आंखों में मिर्च डाल दी गई. इस दौरान उसे बचाने के लिए एक महिला आगे आई तो उस पर भी डंडे से हमला किया गया. आरोप है कि मारपीट में महिला की उंगलियां टूट गईं. इसके बाद हंसा सिंह की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई.
देखें CCTV वीडियो...
घटना का एक हिस्सा CCTV कैमरे में भी कैद हुआ है. फुटेज में कथित तौर पर बुजुर्ग के साथ मारपीट की घटना दिखाई दे रही है. परिवार का आरोप है कि मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई. परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय आरोपियों का साथ दिया.
परिवार ने पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई मांगी
पीड़ित परिवार ने मौके पर पहुंचे फौजा सिंह समेत पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस से हस्तक्षेप करने की अपील की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. परिवार का आरोप है कि पुलिस अगर समय रहते कार्रवाई करती तो हंसा सिंह को बचाया जा सकता था.
परिजनों ने पूरे मामले में इंसाफ की मांग की है. उनका कहना है कि बुजुर्ग की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही जिन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही या आरोपियों का साथ देने का आरोप है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए.
वहीं, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि घटना को लेकर FIR दर्ज कर ली गई है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. परिवार की ओर से लगाए गए पुलिस की मौजूदगी और हस्तक्षेप न करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है.
सुरेंद्र गोयल