पंजाब: जालंधर-अमृतसर धमाकों के पीछे खालिस्तानी और ISI साजिश! जांच में जुटीं एजेंसियां

पंजाब के जालंधर और अमृतसर में बीएसएफ ठिकानों के पास दो धमाके हुए. जांच एजेंसियां अलर्ट हैं और खालिस्तानी आतंकियों के कनेक्शन की जांच चल रही है.

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पंजाब के दो इलाकों में बैक टू बैक धमाके हुए. (Photo: ITG) पंजाब के दो इलाकों में बैक टू बैक धमाके हुए. (Photo: ITG)

कमलजीत संधू

  • चंडीगढ़,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:53 AM IST

पंजाब के जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के ठिकानों के पास एक के बाद एक दो धमाकों से इलाके दहल गए हैं. इनमें से एक धमाका सीमावर्ती राज्य में बीएसएफ मुख्यालय के बिल्कुल करीब हुआ. हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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पहला धमाका जालंधर के बीएसएफ चौक पर बीएसएफ मुख्यालय के पास हुआ, जब एक भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़ी एक स्कूटर में धमाका हो गया. 

चश्मदीदों ने बताया कि ब्लास्ट के कुछ ही देर बाद स्कूटर में आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

कुछ देर बाद दूसरा धमाका

घटना के कुछ घंटों बाद, मंगलवार देर रात अमृतसर के खासा इलाके में बीएसएफ ठिकानों के पास स्थित एक आर्मी कैंप के बाहर दूसरा धमाका हुआ. शुरुआती शक के आधार पर माना जा रहा है कि मोटरसाइकिल पर सवार किसी हमलावर ने कथित तौर पर उस जगह पर ग्रेनेड फेंका था. यह इलाका अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

किसने किया धमाका?

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, माना जा रहा है कि दोनों हमलों के पीछे खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) का हाथ है. यह एक सुनियोजित हमला है, जिसे पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा समर्थित खालिस्तानी चरमपंथी समूह ने अंजाम दिया है. सूत्रों ने बताया कि आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर भी इन दोनों धमाकों के पीछे होने का शक है. पाकिस्तानी गैंगस्टर अक्सर खालिस्तानी समूहों के साथ मिलकर काम करते हैं.

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अमृतसर ग्रामीण पुलिस के SP आदित्य वारियर ने कहा कि यह धमाका रात 10.30 बजे से 11 बजे के बीच आर्मी कैंप के बाहर हुआ. पुलिस और सेना के जवानों को तुरंत मौके पर भेजा गया. उन्होंने कहा, "हम सटीक जानकारी का पता लगा रहे हैं. फॉरेंसिक टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है."

आजतक को जालंधर से मिली एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज में धमाके का वह पल कैद हो गया, जिसमें तुरंत आग की लपटें उठती दिखीं और सड़क पर मलबा बिखर गया. स्कूटर के पास खड़ा एक आदमी धमाके के तुरंत बाद वहां से भागता हुआ दिखाई दिया. अधिकारियों को शक है कि बिखरे हुए टुकड़ों में से कुछ स्कूटर के ही हिस्से हो सकते हैं.

जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा, "यहां पार्क किए गए एक स्कूटर में आग लग गई. हम अभी भी मौके पर जाकर स्थिति की जांच कर रहे हैं." उन्होंने आगे बताया कि स्कूटर ड्राइवर और एक अन्य शख्स से पूछताछ की जा रही है, जबकि घटनाक्रम का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है.

यह भी पढ़ें: पंजाब के जालंधर में 'ब्लास्ट' का सस्पेंस: BSF मुख्यालय के बाहर आग का गोला बना स्कूटर, क्या किसी बड़ी साजिश की थी तैयारी?

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एजेंसी के मुताबिक, स्कूटर ड्राइवर की पहचान गुरप्रीत सिंह (22) के रूप में हुई है. एक रिश्तेदार ने पत्रकारों को बताया कि गुरप्रीत एक डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता है और पार्सल पहुंचाने के लिए रोज़ाना इस इलाके में आता है. मंगलवार शाम को जब वह अपने पार्क किए हुए स्कूटर के पास पहुंचा, तो अचानक उसमें आग लग गई. रिश्तेदार ने बताया कि उसने तुरंत अपने पिता को फोन करके घटना की जानकारी दी.

विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सत्ताधारी AAP सरकार को निशाने पर लिया है. पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने दावा किया कि जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के पास हुआ धमाका बेहद चिंताजनक है.

सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, "एक भीड़भाड़ वाले इलाके में डिलीवरी स्कूटर में हुआ धमाका कानून-व्यवस्था के गंभीर रूप से चरमराने को दिखाता है. पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है. ऐसी घटनाओं से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं. फिर भी, जहां एक तरफ AAP के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने विधायकों को राष्ट्रपति के सामने पेश करने में व्यस्त है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भी उतनी ही भटकी हुई है और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रही है. लोगों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, न कि राजनीतिक नौटंकी."

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पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर, अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ स्थिति का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचीं. जांच ​​के हिस्से के तौर पर घटना वाली जगह पर एक फॉरेंसिक टीम के साथ-साथ डॉग और बम स्क्वॉड को भी तैनात किया गया.

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