पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी गुरुवार को एक अलग अंदाज में नजर आए. चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में चन्नी ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में MA की अपनी अंतिम परीक्षा दी. परीक्षा के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्र होने पर गर्व है. चन्नी ने यह भी बताया कि अब तक आए नतीजों में उन्होंने 70 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए हैं और आगे इसी यूनिवर्सिटी से PhD करने की योजना बना रहे हैं.
चन्नी ने कहा, 'आज मास्टर्स इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की मेरी आखिरी परीक्षा थी. मेरा पिछला रिजल्ट आ चुका है और मैंने 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए हैं.' उन्होंने कहा कि MA के बाद वह पॉलिसी रिफॉर्म्स यानी नीतिगत सुधारों के विषय पर PhD करना चाहते हैं. पूर्व सीएम के मुताबिक, उनके रिसर्च का सब्जेक्ट नीतिगत सुधारों के जरिए पंजाब को दोबारा सही रास्ते पर लाने से जुड़ा होगा.
उन्होंने कहा कि 'वह ऐसा मॉडल तैयार करना चाहते हैं, जिसमें शिक्षा मुफ्त हो और पंजाब एक वेलफेयर स्टेट के रूप में आगे बढ़े. चन्नी ने दावा किया कि भविष्य में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर इस तरह के मॉडल को लागू किया जा सकता है.'
CWC बैठक छोड़ने पर चन्नी ने दी सफाई
इस दौरान चन्नी से कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर भी सवाल किया गया. उन्होंने कहा कि 'उन्होंने इसके लिए पार्टी हाईकमान से पहले ही अनुमति ले ली थी. चन्नी ने कहा कि CWC की बैठकें होती रहती हैं और एक-दो सप्ताह या महीने में फिर बैठक हो सकती है, लेकिन अगर वह परीक्षा छोड़ देते तो उनका पूरा साल खराब हो सकता था.'
उन्होंने कहा कि 'परीक्षा नहीं देने से आगे शुरू होने वाला उनका रिसर्च वर्क भी प्रभावित होता. कांग्रेस के भीतर कथित गुटबाजी के सवाल पर चन्नी ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि आज वह केवल शिक्षा के विषय पर बात करना चाहते हैं.'
AAP सांसद मीत हायर ने कसा तंज
चन्नी की परीक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद मीत हेयर ने उन पर सियासी तंज कसा. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चन्नी अच्छे नंबरों से पास होंगे, लेकिन कांग्रेस जरूर फेल होगी. CWC की बैठक में चन्नी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए मीत हायर ने कहा कि अगर चन्नी कांग्रेस के प्रमुख होते तो क्या वह बैठक छोड़ते? उन्होंने यह भी कहा कि CWC की बैठक एक दिन पहले थी, जबकि चन्नी की परीक्षा अगले दिन थी.
मीत हायर ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर निशाना साधते हुए दावा किया कि 'पार्टी के भीतर गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है और मौका मिलने पर नेता एक-दूसरे को किनारे करने की कोशिश करते हैं.'
असीम बस्सी