Beat Report: पहले राहुल की स्पीच का मामला और अब फरीदकोट... अपनी ही पार्टी में घिरते जा रहे चन्नी?

क्या चरनजीत सिंह चन्नी अब अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं. पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर हाईकमान के दरवाजे पर पहुंच गई है. व्हिप के बावजूद संसद से गायब रहने और पार्टी संगठन को दरकिनार कर समानांतर प्रदर्शन आयोजित करने पर फरीदकोट जिला नेतृत्व ने सीधे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से अनुशासनहीनता की शिकायत दर्ज कराई है.

Advertisement
क्यों मुश्किल में फंसे चन्नी (Photo-ITG) क्यों मुश्किल में फंसे चन्नी (Photo-ITG)

अमन भारद्वाज

  • नई दिल्ली ,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST

पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनावों से पहले गुटबाजी और अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. विवाद की मुख्य वजह जालंधर से कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी का संसद सत्र छोड़कर पंजाब में एक समानांतर विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करना बना है.

जिस दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नीट और छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहे थे, उस दिन चन्नी दिल्ली में संसद में मौजूद रहने के बजाय पंजाब के फरीदकोट में पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

Advertisement

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के संबोधन के दौरान पंजाब के सभी सात कांग्रेस सांसदों में से केवल चन्नी ही अनुपस्थित थे, जबकि व्हिप के तौर पर सभी सांसदों को संसद में उपस्थित रहने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था. चन्नी की इस अनुपस्थिति और उनके द्वारा आयोजित फरीदकोट प्रदर्शन को लेकर अब विवाद काफी बढ़ चुका है. फरीदकोट जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवदीप सिंह 'बब्बू' ब्रार ने चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के खिलाफ सीधे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को औपचारिक शिकायत भेजी है.

अलग पावर सेंटर बनाने की कोशिश

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह 'किक्की' ढिल्लों ने जिला इकाई और स्थानीय नेतृत्व को पूरी तरह नजरअंदाज कर यह समानांतर कार्यक्रम आयोजित किया. ब्रार का कहना है कि पार्टी में 'हलका प्रभारी' का कोई आधिकारिक पद नहीं होता, फिर भी ढिल्लों खुद को सांगठनिक अनुशासन से ऊपर दिखाकर फैसले ले रहे हैं. इसके अतिरिक्त, फरीदकोट प्रदर्शन के प्रचार पोस्टरों में केवल चन्नी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया, जबकि उसमें न तो कांग्रेस पार्टी का झंडा था और न ही राहुल गांधी या पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की तस्वीर, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इसे आधिकारिक पार्टी कार्यक्रम के बजाय व्यक्तिगत राजनीतिक ताकत दिखाने और एक अलग 'पावर सेंटर' बनाने की कोशिश के रूप में देखा है.

Advertisement

 

फरीदकोट का यह प्रदर्शन पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे दो गुटों के बीच के मतभेदों को स्पष्ट उजागर करता है. चन्नी के इस शक्ति प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग विरोधी खेमे के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें विधायक राणा गुरजीत सिंह, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक प्रमुख थे. वहीं दूसरी तरफ, जिलाध्यक्ष ब्रार और राजा वड़िंग के करीबी नेताओं ने इससे पूरी दूरी बनाए रखी. जिला इकाई ने पहले ही 31 जुलाई को इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया था.

पार्टी सूत्रों का मानना है कि हाईकमान द्वारा राजा वड़िंग को अध्यक्ष पद पर बरकरार रखने का संकेत दिए जाने के बाद, चन्नी गुट आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को प्रभावित करने के लिए राज्य भर में अपनी सांगठनिक पकड़ और समर्थकों का आंकड़ा दिखाने में जुटा है. हालांकि, पंजाब मामलों के प्रभारी के करीबी सूत्रों ने साफ किया है कि टिकट का फैसला समर्थकों की भीड़ से नहीं, बल्कि उम्मीदवार की जीतने की क्षमता के आधार पर होगा.

एक तरफ जहां चन्नी पंजाब में समानांतर राजनीति चला रहे हैं, वहीं राजा वड़िंग संसद में सक्रिय रहने के साथ-साथ दिल्ली में सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के खिलाफ भगवंत मान सरकार के विरोध में पार्टी के प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे हैं. इस पूरे घमासान के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल राज्य के 16 जिलों के 10 दिवसीय सांगठनिक दौरे पर हैं, जहां वे बूथ स्तर की समीक्षा और चुनावी रोडमैप तैयार करने के लिए बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं. हालांकि, चन्नी के इस कदम ने चुनाव से पहले पार्टी के 'एकजुटता' के दावों की पोल खोल दी है और केंद्रीय नेतृत्व के सामने अनुशासन बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. 
यह भी पढ़ें: संसद परिसर में विपक्ष का हल्लाबोल... राहुल गांधी बोले- 'छात्रों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं, जांच के लिए बने SC की हाई-पावर्ड कमेटी'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »