चंडीगढ़ में सिख कैदियों की रिहाई पर बवाल, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर राज्यपाल भवन की ओर मार्च किया. इस दौरान सिमरनजीत सिंह मान घायल व्यक्ति का भेष बनाकर वहां पहुंचे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें पहचान लिया और हिरासत में ले लिया.

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राजभवन कूच को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम. (Photo: ITG) राजभवन कूच को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम. (Photo: ITG)

असीम बस्सी

  • चंडीगढ़ ,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

पंजाब के चंडीगढ़ में शनिवार को बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर तनाव की स्थिति बन गई. कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पंजाब राजभवन की ओर कूच किया. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. हंगामे के बीच पूर्व सांसद और शिरोमणि अकाली दल के नेता मान घायल मरीज का भेष बनाकर राजभवन के पास पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने पहचान कर हिरासत में ले लिया.

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कौमी इंसाफ मोर्चा पिछले करीब तीन साल से मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरना दे रहा है. शनिवार को प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए. भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन चलाए और आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया.

भेष बदलकर पहुंचे सिमरनजीत सिंह मान

राजभवन के बाहर तनाव के बीच एक गाड़ी वहां पहुंची. इसमें सिमरनजीत सिंह मान मरीज के भेष में बैठे थे. उन्होंने मुंह पर पट्टियां बांध रखी थीं. मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने गाड़ी रोककर जांच की. पहचान होने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

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किन सिख कैदियों की रिहाई की मांग?

प्रदर्शनकारी जिन सिख कैदियों को रिहा करने की मांग कर रहे हैं, उनमें जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लक्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह के नाम शामिल हैं. इनमें से अधिकतर आतंकवाद और हत्या जैसे संगीन मामलों में लंबे समय से जेलों में बंद हैं. प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना है कि ये सभी अपनी तय सजा पूरी कर चुके हैं, इसलिए इन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए.

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