राजभवन के 4 चक्कर, 5 दलों का साथ और छठे दिन सरकार... तमिलनाडु में 'विजय राज' का ऐसे हुआ आगाज

234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं. कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं, वहीं सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल ने दो-दो सीटें जीती हैं.

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तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री होंगे विजय. (Photo: PTI) तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री होंगे विजय. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:27 AM IST

तमिलनाडु में आखिरकार कई दिनों से जारी राजनीतिक संकट खत्म हो गया है. टीवीके चीफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के तौर पर आज शपथ लेने जा रहे हैं. उनके साथ नौ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. सुबह दस बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में विजय शपथ लेंगे. ऐसा लगभग 60 साल बाद होगा जब किसी गैर द्रविड़ दल का नेता मुख्यमंत्री बनेगा. लेकिन विजय के लिए मुख्यमंत्री पद की यह राह बिल्कुल भी आसान नहीं रही. 

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विजय को स्पष्ट बहुमत और अन्य दलों का स्पष्ट समर्थन नहीं मिलने की वजह से सरकार गठन में बहुत बाधाएं आईं. पहले सात मई और उसके बाद नौ मई को होने वाला विजय का शपथ ग्रहण कैंसिल हुआ. इतना ही नहीं, सरकार गठन के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं होने की वजह से राज्यपाल ने भी उन्हें तीन बार लौटाया.

चुनाव जीतने के बाद टीवीके को समर्थन देने वाली सबसे पहली पार्टी कांग्रेस थी. कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने पर टीवीके चीफ विजय छह मई को राज्यपाल के पास पहुंचे थे. विजय के पास इस समय 113 विधायकों का समर्थन था लेकिन राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन पत्र पेश करने को कहा, जिस वजह से विजय को निराश लौटना पड़ा.  

सात मई को सीपीआई और सीपीआई(एम) ने अपना समर्थन टीवीके को देने का ऐलान किया. इन दोनों पार्टियों के दो-दो विधायक हैं. इस बीच विजय ने दूसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की. लेकिन इस बार भी उनके पास 118 विधायकों का समर्थन नहीं था, जिस वजह से सात मई को ही होने वाला उनका शपथ ग्रहण टल गया था. 

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VCK के समर्थन को लेकर हुआ विवाद!

इधर 8 मई की शाम को खबर आई कि थलपति विजय ने सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटा लिया है. उन्हें कांग्रेस के समर्थन से पांच सीटें मिली ही थीं. इसके अलावा सीपीआई के दो विधायक, सीपीएम के दो विधायक और वीसीके का भी दो विधायकों के साथ टीवीके को समर्थन देने की बात सामने आई. इस तरह टीवीके के हवाले से दावा किया गया कि वह बहुमत के आंकड़े से अधिक समर्थन जुटा चुकी है. देर शाम इस लिस्ट में IUML का भी नाम जुड़ा कि वह भी अपने 2 विधायकों के साथ समर्थन दे रही है. इस तरह टीवीके की ओर से दावा किया गया कि अब उसके पास 121 हस्ताक्षर हैं.

इस बीच विजय की पार्टी ने वीसीके का समर्थन मिलने का दावा किया. इस दावे के साथ वह तीसरी बार राज्यपाल से मिलने पहुंचे. टीवीके की ओर से सरकार बनाने का ऐलान किया गया और शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख भी सामने आ गई. लेकिन वीसीके और IUML की ओर से कहा गया कि उन्होंने अभी तक टीवीके को समर्थन नहीं दिया है. 

इस तरह थलपति विजय जिन्हें शनिवार सुबह 11 बजे शपथ लेनी थी, उस पर सस्पेंस गहरा गया. 8 मई की शाम को ही सूत्रों के हवाले से नई जानकारी सामने आई कि अभी दो महत्वपूर्ण पार्टियों का समर्थन पत्र नहीं आया है. VCK ने कहा है कि वो शनिवार को अपना फैसला बताएंगे. उधर, IUML ने साफ कहा है कि वो DMK के साथ हैं विजय के साथ नहीं. इन सब के बीच प्रदेश के कांग्रेस विधायकों के देर रात बेंगलुरु पहुंच जाने की खबरें सामने आईं. 

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शुक्रवार रात से लेकर शनिवार दोपहर तक तमिलनाडु की राजनीति में यही ट्विस्ट और टर्न जारी है. टीवीके की ओर से तय शपथग्रहण एक बार फिर कैंसिल हुआ. विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन का पत्र दिया. इसमें TVK के 107 विधायक हैं, कांग्रेस के 5 और CPI-CPM के 4 हैं. लेकिन सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए. ऐसे में नौ मई को तीसरी बार भी विजय ने जब राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात की तो उन्होंने फिर से 118 हस्ताक्षरों की मांग की. इस तरह थलपति विजय तीसरी बार भी राज्यपाल के पास से बैरंग लौटे.

लेकिन इस बीचवीसीके ने कहा है कि वह शनिवार शाम चार बजे TVK को समर्थन देने पर फैसला करेगी. पार्टी चीफ थोल थिरुमावलवन ने कहा कि वह शाम 4 बजे पार्टी के आधिकारिक फैसले का ऐलान करेंगे. पार्टी के अनुसार शुक्रवार को VCK की हाईलेवल कमिटी की बैठक हुई, जिसमें पार्टी चीफ को अंतिम फैसला घोषित करने के लिए अधिकृत किया गया था.

उधर, IUML ने भी शुक्रवार देर रात बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने विजय को समर्थन नहीं दिया. कुछ अखबारों में खबरें थीं कि IUML विजय को समर्थन दे रहा है. लेकिन ये गलत है. IUML ने कहा है कि बहुत सारे लोग उनके पास आए. विजय की पार्टी के भी महत्वपूर्ण लोग उनसे मिले. लेकिन IUML का साफ संदेश है कि वो कल भी DMK के साथ हैं, आज भी DMK के साथ हैं और कल भी DMK के साथ रहेंगे. यानी IUML विजय को नहीं बल्कि DMK को समर्थन देता है.

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दिनाकरन ने टीवीके पर लगाए गंभीर आरोप

इससे पहले शनिवार को AMMK चीफ दिनाकरन ने टीवीके पर अपने एकमात्र विधायक कामराज के समर्थन का फर्जी पत्र राज्यपाल को सौंपने का आरोप लगाया. चेन्नई में उन्होंने मीडिया बातचीत में कहा कि AMMK का एकमात्र विधायक NDA और AIADMK के साथ है और पलानीस्वामी ही मुख्यमंत्री पद के सही दावेदार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि TVK नेताओं को लगा कि पहले फर्जी समर्थन पत्र दे देंगे और बाद में विधायक पर दबाव बनाकर समर्थन हासिल कर लिया जाएगा.

दिनाकरन ने कहा कि उन्होंने इस मामले में राज्यपाल और पुलिस दोनों को शिकायत दी है. हालांकि TVK ने इन आरोपों को खारिज किया. TVK ने वीडियो जारी किया और दावा किया कि AMMK विधायक कामराज ने स्वेच्छा से पार्टी को समर्थन देने वाला पत्र लिखा था.

पार्टी विधायक कामराज ने टीटीवी दिनाकरण के इस आरोप का खंडन किया. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि वह लापता थे या विजय की पार्टी ने राज्यपाल को फर्जी दस्तावेज सौंपे थे. कामराज ने कहा कि वह हमेशा संपर्क में थे और पुडुचेरी से आने के बाद उन्होंने खुद राज्यपाल के सचिव से मुलाकात की थी. उन्होंने बताया कि भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि वह कई फोन इस्तेमाल करते हैं और उनमें से एक पर व्हाट्सऐप नहीं चलाते. 

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वीसीके ने आखिरकार टीवीके को दिया समर्थन

वीसीके ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया. वीसीके नेता थॉल थिरुमावलवन ने टीवीके के नेता अधव अर्जुन को पार्टी का समर्थन पत्र दिया था. राज्यपाल से मुलाकात के दौरान विजय ने वीसीके और आईयूएमएल पार्टियों का समर्थन पत्र पेश किया था. विजय ने बहुमत के आधार पर सरकार बनाने का दावा किया.

विजय ने शनिवार शाम तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात करके उन्हें 120 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा. इसके बाद राज्यपाल ने विजय की पार्टी टीवीके को तमिलनाडु में सरकार गठन की हरी झंडी दे दी. इसके साथ ही चार दिनों से जारी राजनीतिक असमंजस खत्म हो गया. 

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