संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान 21 सितंबर को न्यूयॉर्क में भारत और मध्य यूरोप के चार देशों के बीच पहली V4+India विदेश मंत्री स्तर की बैठक हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए. बैठक में चारों V4 देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया.
स्लोवाकिया के विदेश मंत्री युराज ब्लानार ने कहा कि ग्लोबल साउथ की अहम आवाज और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की उभरती ताकत के तौर पर भारत को UNSC में स्थायी सदस्य के तौर पर जगह मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि V4 देश भारत की इस दावेदारी का समर्थन करते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक अपकमिंग सुपरपावर है.
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V4+India फॉर्मेट से बढ़ेगा सहयोग
V4 यानी वाइसेग्राड ग्रुप चेक गणराज्य, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया का क्षेत्रीय सहयोग समूह है. इसकी शुरुआत 1991 में हुई थी. इसका मकसद मध्य यूरोप के इन देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाना है. चारों देश यूरोपीय संघ और NATO के सदस्य हैं.
भारत V4 का सदस्य नहीं है. V4+India एक अलग सहयोगी फॉर्मेट है, जिसके जरिए भारत इन चारों देशों के साथ सामूहिक स्तर पर बातचीत कर सकता है. पहली बैठक में दोनों पक्षों ने हर साल विदेश मंत्री स्तर की बैठक और एक वार्षिक बिजनेस फोरम आयोजित करने पर सहमति जताई. रक्षा, तकनीक, इनोवेशन, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
जयशंकर ने कहा कि भारत के चारों V4 देशों के साथ पहले से मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं. उन्होंने कहा कि इन देशों के पास इंडस्ट्रियल, तकनीकी और इनोवेशन के क्षेत्र में मजबूत क्षमता है. नए V4+India फॉर्मेट से इन रिश्तों को सामूहिक स्तर पर आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है.
UNSC में भारत की दावेदारी क्या है?
UNSC में अभी 15 सदस्य हैं. इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन पांच स्थायी सदस्य हैं, जबकि 10 सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं. भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है. भारत G4 के तहत ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ भी UNSC में सुधार की मांग करता है.
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हालांकि V4 देशों का समर्थन अपने आप में भारत को स्थायी सीट नहीं दिलाता. इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच व्यापक सहमति और UN चार्टर में जरूरी बदलाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. फिर भी चार मध्य यूरोपीय देशों का एक साथ समर्थन भारत की कूटनीतिक कोशिश के संदर्भ में अहम है.
न्यूयॉर्क की यह बैठक सिर्फ UNSC पर समर्थन तक सीमित नहीं रही. V4+India फॉर्मेट के जरिए भारत और मध्य यूरोप के इन चार देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नियमित करने की दिशा भी तय हुई है. आगे होने वाली सालाना मंत्रीस्तरीय बैठक और बिजनेस फोरम इस सहयोग को आगे बढ़ाने का मंच बनेंगे. (दीक्षा मिश्रा की रिपोर्ट)
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