तेलंगाना हाई कोर्ट ने पुलिस को साफ निर्देश दिया है कि विधायकों को विधानसभा में जाने से रोका नहीं जाना चाहिए. कोर्ट ने साफ कह दिया है कि विधानसभा के नियमों का उल्लंघन होने पर स्पीकर को कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है, यह अधिकार पुलिस को नहीं है. मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं.
सोमवार को W.P. नंबर 29752 की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया. इस मामले में याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि विधानसभा जाते समय पुलिस ने बीआरएस विधायकों को रोका था और उनके साथ बदसलूकी भी की. कोर्ट ने इस मामले में सभी तस्वीरों और दलीलों का संज्ञान लिया.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को विधानसभा के बाहर हुई घटना की जांच करने के निर्देश दिए. साथ ही, मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मयों की पहचान और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
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इस मामले में कोर्ट ने जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है. मामले में सुनवाई के दौरान गृह विभाग के सरकारी वकील ने विभानसभा के कार्य संचालन नियमों का भी कोर्ट में हवाला दिया. इन नियमों के तहत विधानसभा के सदस्य सदन में स्पीकर की अनुमति के बिना झंडे, बैज, प्रतीक या प्रदर्शन से जुड़ी चीज़ें नहीं दिखा सकते.
इस मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट 21 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई करने वाली है. कोर्ट ने राजनीतिक विवाद पर कोई फैसला नहीं दिया है. हालांकि फिलहाल कोर्ट का निर्देश यही है कि विधायकों को विधानसभा में आने से पुलिस नहीं रोक सकती है और सदन के नियमों के उल्लंघन होने पर कार्रवाई का अधिकार स्पीकर के पास है.
अब्दुल बशीर