तमिलनाडु में ग्रामीण महिलाओं की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. वित्त वर्ष 2026-27 में 57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस रकम से ग्रामीण इलाकों की 10,000 महिलाओं को मुफ्त दुधारू गाय दी जाएगी. योजना का ऐलान राज्य के 2026-27 के बजट में किया गया था. इसके तहत गांव की महिलाओं के हाथ में ऐसा साधन दिया जाएगा, जिससे परिवार को हर महिने आमदनी मिल सके, साथ ही राज्य में दूध का उत्पादन भी बढ़े.
योजना के तहत हर लाभार्थी को एक स्वस्थ और अच्छी नस्ल की क्रॉसब्रीड दुधारू गाय दी जाएगी. यह गाय रोजाना कम से कम 8 लीटर दूध देने में सक्षम होगी. सरकार के मुताबिक, इसका फायदा सिर्फ दूध बेचने तक सीमित नहीं रहेगा. नियमित आमदनी के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और परिवार के पोषण स्तर को बेहतर करने पर भी जोर है.
5 साल में 3-4 बार बछड़ा देने का अनुमान
अधिकारी के मुताबिक, यह योजना सिर्फ तत्काल मदद देने के बजाय लंबे समय की संपत्ति तैयार करने पर जोर देगी. सही पशु चिकित्सा देखभाल और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने पर एक गाय से 5 साल में 3 से 4 बार बछड़ा होने की उम्मीद है. यानी एक गाय आगे चलकर परिवार के लिए कई सालों तक कमाई का जरिया बन सकती है. इससे गांवों में डेयरी गतिविधियां बढ़ने और दूध सहकारी समितियों को मजबूत करने की भी उम्मीद है.
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दूध उत्पादन के साथ महिलाओं की कमाई पर जोर
तमिलनाडु देश के चुनिंदा दूध उत्पादक और दूध खरीदने वाले राज्यों में शामिल है. ऐसे में सरकार इस योजना के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण महिलाओं की नियमित आय और आर्थिक स्वतंत्रता को भी बढ़ावा देना चाहती है.
सरकार वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग और बेहतर पशुपालन को बढ़ावा देने की बात कह रही है. अब देखना यह होगा कि यह योजना 10 परिवारों को लिए कितना मददगार होगा.
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