तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना का विस्तार शुरू किया. उन्होंने तिरुवनमियूर के गांधी ग्रामम स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में यह योजना लॉन्च की. इस मौके पर उन्होंने बच्चों को खुद खाना परोसा और उनके साथ बैठकर नाश्ता भी किया. इसके बाद वे क्लासरूम में गए और बच्चों से बातचीत की.
इस योजना का नाम पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में "पेरुंथलाइवर कामराजार ब्रेकफास्ट स्कीम" रखा गया है. अब यह योजना कक्षा छह से आठ तक के बच्चों तक बढ़ा दी गई है. इससे राज्य के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के करीब 15.30 लाख अतिरिक्त बच्चों को फायदा मिलेगा. सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है, ताकि वे दिन की शुरुआत अच्छे खाने के साथ कर सकें.
इस विस्तार के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 217.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया है. इसके साथ ही इस योजना का कुल बजट बढ़कर 724 करोड़ रुपये हो गया है. पहले यह योजना 17 सितंबर को शुरू होने वाली थी, लेकिन मुख्यमंत्री विजय की लंदन यात्रा के कारण इसे टाल दिया गया था.
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हालांकि चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में यह योजना फिलहाल लागू नहीं होगी, क्योंकि वहां 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरांतकम और धरापुरम विधानसभा उपचुनावों के चलते चुनाव आयोग की आचार संहिता लागू है.
नाश्ते में उपमा, खिचड़ी और पोंगल जैसे पौष्टिक व्यंजन शामिल किए गए हैं, साथ ही हफ्ते में दो बार मिलेट यानी मोटे अनाज से बने खाने भी दिए जाएंगे. यह योजना ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन, नगर प्रशासन निदेशालय और तमिलनाडु महिला विकास निगम मिलकर चलाएंगे, जिसमें कुल मिलाकर हजारों स्कूल शामिल होंगे. नाश्ता स्कूलों में मौजूद स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बनाकर परोसेंगी. सरकार का मानना है कि इससे बच्चों की सेहत, स्कूल में उपस्थिति और पढ़ाई तीनों में सुधार होगा.
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