स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप

दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया है. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र को पकड़ा है. यह कार्रवाई एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप के सामने आने के बाद हुई है, जिसमें आरोपी ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात कथित तौर पर कबूल की थी.

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स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसी ने संजय कुमार के सिर पर वार किया था (File Photo: ITG) स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसी ने संजय कुमार के सिर पर वार किया था (File Photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:44 PM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया है. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र को पकड़ा है. यह कार्रवाई एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप के सामने आने के बाद हुई है, जिसमें आरोपी ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात कथित तौर पर कबूल की थी.

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दरअसल, घटना 23 जून 2026 की है, जब जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था. शिकायतकर्ता संजय कुमार अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ प्रदर्शन में शामिल होने आए थे. शाम लगभग 5:30 बजे जब वह अपने फोन से वीडियो बना रहे थे, तब एक युवक से उनका विवाद शुरू हो गया.

आरोप है कि 2-3 युवकों ने संजय को घेर लिया और घूंसे व लोहे के कड़े जैसी ठोस चीज से उनके सिर पर वार किया. मारपीट के बाद संजय को इलाज के लिए RML अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल रिपोर्ट में उनके सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए.

FIR और नामजद आरोपी

संजय कुमार की शिकायत पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 62/2026 के तहत BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया. घटना के वक्त पुलिस ने दो आरोपियों स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को नामजद किया था.

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बता दें कि मामले ने तब राजनीतिक और कानूनी तूल पकड़ा जब एक पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई. इस क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसी ने संजय कुमार के सिर पर वार किया था और राजनीतिक प्रभाव के कारण उसके खिलाफ कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और वह आसानी से बच निकला.

राहुल गांधी के दिया था मदद का भरोसा

निशु आजाद द्वारा वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई न होने पर न्याय की गुहार लगाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया. राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद कांग्रेस की लीगल टीम पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंची और FIR में हेट स्पीच, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और आदतन अपराधी की धाराएं जोड़ने के साथ-साथ आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.

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