दिल्ली में किसी भी तरह का निर्माण करने से पहले मास्टर प्लान फॉर दिल्ली और बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधानों को समझना बेहद जरूरी है. राजधानी में भवन निर्माण के लिए मुख्य आधार मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2021 (MPD-2021) और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2016 (UBBL-2016) हैं. इनके अलावा समय-समय पर जारी किए गए संशोधन और संबंधित इलाके के विशेष नियम भी लागू होते हैं.
क्या है FAR का नियम?
FAR यानी फ्लोर एरिया रेशियो यह तय करता है कि किसी प्लॉट पर कुल कितने क्षेत्रफल में निर्माण किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर 100 वर्गमीटर के प्लॉट पर 300 FAR होने का अर्थ है कि कुल 300 वर्गमीटर तक FAR-कवर्ड निर्माण किया जा सकता है. हालांकि सिर्फ FAR के आधार पर निर्माण की अनुमति नहीं मिलती. ग्राउंड कवरेज, सेटबैक, बिल्डिंग की ऊंचाई, पार्किंग, फायर सेफ्टी और अन्य नियमों का पालन भी जरूरी है.
रेजिडेंशियल प्लॉट पर कितना निर्माण?
MPD-2021 के सामान्य प्लॉटेड रेजिडेंशियल नॉर्म्स के अनुसार अलग-अलग प्लॉट आकार के लिए ग्राउंड कवरेज और FAR अलग-अलग निर्धारित हैं.
50 वर्गमीटर तक के प्लॉट के लिए 90 प्रतिशत तक ग्राउंड कवरेज और FAR 350 का प्रावधान है.
50 से 100 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए भी 90 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और FAR 350 का प्रावधान है.
100 से 250 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए सामान्यतः 75 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और FAR 300 है.
250 से 750 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए 75 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और FAR 225 निर्धारित है.
वहीं बड़े रेजिडेंशियल प्लॉट्स में ग्राउंड कवरेज और FAR घटता जाता है.
कितनी मंजिल तक मकान बनाया जा सकता है?
दिल्ली में यह कहना सही नहीं होगा कि हर रेजिडेंशियल प्लॉट पर एक निश्चित संख्या में मंजिल बनाई जा सकती हैं. मंजिलों की संख्या तय करते समय FAR, ग्राउंड कवरेज, सेटबैक और बिल्डिंग हाइट सभी को साथ देखा जाता है. सामान्य प्लॉटेड रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स में ऊंचाई के लिए भी सीमा निर्धारित है. कुछ परिस्थितियों में स्टिल्ट पार्किंग के साथ परमिसिबल हाइट अलग हो सकती है. इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट और एयरपोर्ट अथॉरिटी की रिस्ट्रिक्शंस भी कुछ इलाकों में लागू हो सकती हैं.
सेटबैक के नियम
बिल्डिंग और प्लॉट बाउंड्री के बीच छोड़ी जाने वाली खुली जगह को सेटबैक कहा जाता है. इसका कोई एक समान नियम पूरी दिल्ली में लागू नहीं है. सेटबैक मुख्य रूप से प्लॉट के आकार, सड़क की चौड़ाई, बिल्डिंग की ऊंचाई, लैंड यूज और इलाके की कैटेगरी पर निर्भर करता है.
पार्किंग भी जरूरी
बिल्डिंग बायलॉज में पार्किंग को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और अन्य उपयोग के लिए पार्किंग की जरूरत अलग-अलग हो सकती है. सिर्फ FAR उपलब्ध होने के आधार पर अतिरिक्त निर्माण नहीं किया जा सकता, यदि पार्किंग और दूसरे मैंडेटरी रिक्वायरमेंट्स पूरे नहीं होते.
बेसमेंट का इस्तेमाल
बेसमेंट को मनमाने तरीके से रेजिडेंशियल या कमर्शियल फ्लोर की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. बेसमेंट के निर्माण और उपयोग के लिए वेंटिलेशन, एक्सेस, फायर सेफ्टी, ड्रेनेज और परमिसिबल यूज से जुड़े नियम लागू होते हैं.
स्टिल्ट पार्किंग को लेकर भी नियम
स्टिल्ट फ्लोर का इस्तेमाल मुख्य रूप से पार्किंग के लिए किया जाता है. इसे बिना अनुमति पूरी तरह बंद करके रेजिडेंशियल या कमर्शियल फ्लोर के रूप में इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ हो सकता है.
कमर्शियल एक्टिविटी पर भी पाबंदियां
हर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी में कमर्शियल एक्टिविटी की अनुमति नहीं है. दिल्ली में नोटिफाइड मिक्स्ड यूज स्ट्रीट्स और निर्धारित क्षेत्रों के लिए अलग प्रावधान हैं. कुछ निर्धारित प्रोफेशनल एक्टिविटीज और अन्य अनुमत गतिविधियां रेजिडेंशियल प्रिमाइसेज में तय सीमा के भीतर की जा सकती हैं, लेकिन इसे सभी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के लिए ब्लैंकेट परमिशन नहीं माना जा सकता.
अनऑथराइज्ड और रेगुलराइज्ड कॉलोनियों के लिए अलग नियम
दिल्ली की अनऑथराइज्ड कॉलोनियां, रेगुलराइज्ड अनऑथराइज्ड कॉलोनियां, स्पेशल एरियाज, वॉल्ड सिटी और प्लान्ड कॉलोनियों को एक ही कैटेगरी में नहीं रखा जा सकता. इन इलाकों में अलग-अलग नोटिफिकेशंस, रेगुलेशंस और रीडेवलपमेंट प्रोविजंस लागू हो सकते हैं. इसलिए किसी मकान की लीगलिटी जांचते समय केवल सामान्य MPD नॉर्म्स देखना पर्याप्त नहीं है.
फायर और स्ट्रक्चरल सेफ्टी अनिवार्य
बिल्डिंग बायलॉज में फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी के लिए भी विस्तृत प्रावधान हैं. बड़ी कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल, असेंबली और ऊंची इमारतों के लिए फायर डिपार्टमेंट की मंजूरी और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी हो सकता है.
एयरपोर्ट के आसपास हाइट रिस्ट्रिक्शन
दिल्ली में कई इलाकों में एयरपोर्ट-रिलेटेड हाइट रिस्ट्रिक्शंस भी लागू होती हैं. ऐसे मामलों में MPD के सामान्य हाइट नॉर्म्स के बावजूद एयरपोर्ट अथॉरिटी की क्लीयरेंस के कारण निर्माण की अधिकतम ऊंचाई सीमित हो सकती है.
क्या MPD-2041 लागू हो चुका है?
फिलहाल MPD-2041 को लागू मास्टर प्लान मानकर निर्माण नहीं किया जा सकता. DDA की वेबसाइट पर MPD-2041 को ड्राफ्ट के रूप में प्रदर्शित किया गया है. इसलिए वर्तमान भवन निर्माण संबंधी मामलों में MPD-2021, UBBL-2016, उनके लागू संशोधन और संबंधित स्थानीय नियमों को देखना जरूरी है.
सुशांत मेहरा