राजस्थान में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. शुक्रवार को जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बाड़मेर और कोटपूतली-बहरोड़ समेत कई जिलों में बारिश हुई, जबकि बाड़मेर में तेज हवाएं भी चलीं. पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में सर्वाधिक 69 मिमी वर्षा हुई, जो भारी बारिश की श्रेणी में रही.
वहीं पश्चिमी राजस्थान में भी कई स्थानों पर मेघगर्जन और झोंकेदार हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई. इस बीच, प्रदेश में सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में 41.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान सिरोही में 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना अवदाब अब पश्चिम की ओर बढ़कर मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और विदर्भ के ऊपर पहुंच गया है. इसके अगले 24 घंटों में कमजोर होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है.
इसी के प्रभाव से 31 जुलाई से 2 अगस्त तक उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि जयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने आज 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 3 अगस्त से मॉनसून ट्रफ उत्तर की ओर खिसकने लगेगी, जिसके बाद बारिश की गतिविधियां उत्तरी-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान की ओर शिफ्ट होने की संभावना है. वहीं प्रदेश में 5 से 6 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं.
इस बीच, NDRF के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 31 जुलाई और 1 अगस्त के लिए गुजरात के वडोदरा और उसके आस-पास के जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है. इसे देखते हुए, हमने उन तीन टीमों को अपने मुख्यालय वापस बुला लिया है जिन्हें पहले गुजरात के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया था. हम 22 जुलाई से ही पूरे गुजरात में कई बचाव अभियान चला रहे हैं.
वहीं, नर्मदा जिले में भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए जिला कलेक्टर ने कल स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित करने का फैसला लिया है.
रिदम जैन