'उसको तो जाना ही था, हमारा विरोध जारी रहेगा...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल के तल्ख तेवर

राहुल गांधी ने कहा, "एजुकेशन सिस्टम हमारी शान हुआ करता था, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा होती थी. सालों से उस पर आक्रमण किया जा रहा है, उसे कैप्चर किया जा रहा है और उसका निजीकरण किया जा रहा है. आज जो हुआ, वह उसी का रिएक्शन है."

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राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्रों और हिंदुस्तान के भविष्य की जीत है (Photo-ITG) राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्रों और हिंदुस्तान के भविष्य की जीत है (Photo-ITG)

राहुल गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:33 PM IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे छात्रों और देश के भविष्य की जीत बताया. राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आवाज की जीत है, जिन्होंने लगातार शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि हमारा सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा.

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राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "धर्मेंद्र प्रधान को तो जाना ही था. ये हमारे छात्रों की जीत है, ये हिंदुस्तान के भविष्य की जीत है." उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी दुनिया की सबसे सम्मानित व्यवस्थाओं में गिनी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उस पर लगातार हमले हुए हैं. RSS ने शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया है. उनके मुताबिक शिक्षा प्रणाली को कमजोर किया गया, उस पर कब्जा करने की कोशिश हुई और धीरे-धीरे उसका निजीकरण बढ़ाया गया. छात्रों का आंदोलन इसी पूरी प्रक्रिया के खिलाफ एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया था.

राहुल गांधी ने कहा, "एजुकेशन सिस्टम हमारी शान हुआ करता था, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा होती थी. सालों से उस पर आक्रमण किया जा रहा है, उसे कैप्चर किया जा रहा है और उसका निजीकरण किया जा रहा है. आज जो हुआ, वह उसी का रिएक्शन है. अब सरकार को सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए." 

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उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान केवल एक "सिंबल" थे और छात्रों का आंदोलन किसी एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग को लेकर था.

उन्होंने छात्रों की दो प्रमुख मांगों का भी समर्थन किया. पहली, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सार्वजनिक और दिखाई देने वाली कार्रवाई होनी चाहिए. दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए अमित शाह सीधे जिम्मेदार हैं और इस मुद्दे को कांग्रेस संसद में प्रमुखता से उठाएगी.

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उन्होंने कहा कि भारत की रोजगार, शिक्षा, संस्थागत और मीडिया व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और यही मौजूदा आंदोलन की असली वजह है. राहुल गांधी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनता और छात्रों की आवाज़ नहीं सुनी गई, तो भविष्य में इससे कहीं बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है.
 

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