संसद के चालू मॉनसून सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में गतिरोध जारी रहा. हंगामे के कारण कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. कार्रवाई स्थगित किए जाने की जब घोषणा हुई, चेयर पर डिप्टी स्पीकर पैनल के जगदंबिका पाल थे. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की और राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे कांग्रेस सांसदों को समझाएं. चर्चा शुरू हो.
संसदीय कार्य मंत्री ने राहुल गांधी का नाम लिया था, राहुल गांधी बोलने के लिए अपनी सीट पर खड़े भी हुए, लेकिन उनको बोलने का अवसर नहीं मिला. इसे लेकर अब राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि जब किसी व्यक्ति का नाम लिया जाता है, उसे जवाब देने का अवसर भी मिलता है. उन्होंने कहा कि यह सामान्य बात है.
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे सदन में अपनी बात रखने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि बोलने के लिए जब खड़ा हुआ, बोलने की इजाजत नहीं दी गई और माइक बंद कर दिया गया. सदन में जारी गतिरोध को लेकर विपक्ष का रुख साफ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, पीएम मोदी दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए माफी नहीं मांगते, कोई चर्चा नहीं होगी.
उन्होंने दो टूक कहा कि छात्रों की जो तीन मांगें हैं, वही हमारी शर्त है. जब तक धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटा नहीं दिया जाता, सरकार के साथ किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं करेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं. शिक्षा मंत्री को हटाया जाए, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और इसके लिए प्रधानमंत्री माफी मांगें.
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गौरतलब है कि लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. दोपहर 12 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, संसदीय का4य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लेकर आग्रह किया कि कांग्रेस सांसदों को समझाएं. चर्चा आज भी शुरू हो सकती है. राहुल गांधी इस पर बोलने के लिए खड़े हुए.
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चेयर से जगदंबिका पाल ने इसके बाद स्थगन प्रस्ताव के किसी भी नोटिस को अनुमति नहीं देने के स्पीकर के फैसले की जानकारी सदन को दी और फिर लिस्टेड बिजनेस लिए. इसके बाद जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यवाही सोमवार, 27 जुलाई को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
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