'कैमरा नहीं, दिल का एंगल बदलिए', PM मोदी के इंस्टाग्राम रील्स पर प्रियंका गांधी का तंज

प्रियंका गांधी ने मॉनसून सत्र के दौरान संसद में पीएम मोदी पर तंज कसा. उन्होंने प्रधानमंत्री को सलाह दी कि वो इंस्टाग्राम रील्स के जरिए युवाओं का दिल जीतने की बजाय, अपने विचार बदलें. उन्होंने कहा कि अगर युवाओं का दिल जीतना है तो 'कैमरे का एंगल नहीं, दिल का एंगल बदलना होगा.'

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प्रियंका गांधी ने रील्स पर पीएम मोदी की आलोचना की. (Photo- PTI/Instagram) प्रियंका गांधी ने रील्स पर पीएम मोदी की आलोचना की. (Photo- PTI/Instagram)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:51 PM IST

लोकसभा में मंगलवार को 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026' पर चर्चा के दौरान जोरदार बहस देखने को मिली. इस दौरान कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रील्स बनाने को लेकर तंज सका. उन्होंने पेपर लीक को लेकर मोदी सरकार पर कई आरोप भी लगाए.

प्रियंका गांधी ने सदन में कहा, 'ये पीढ़ी झूठ को पहचानने की जबरदस्त क्षमता रखती है. प्रधानमंत्री को अपने कैमरों का एंगल बदलने के बजाय अपने दिल का एंगल बदलने की जरूरत है.'

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इस दौरान कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि बीते 10 सालों में देश में 152 पेपर लीक हुए हैं और पूरी परीक्षा प्रणाली विफल हो चुकी है. उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां होने के बावजूद एक भी परीक्षा माफिया को सजा नहीं दी गई है.

'युवाओं के साथ नाइंसाफी हुई'

प्रियंका गांधी ने कहा, 'आपकी सरकार के दौरान युवाओं के साथ नाइंसाफी हुई है, इस सच को कबूल कीजिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.' उन्होंने आगे कहा कि सरकार को सभी हितधारकों को साथ लेकर एक नई और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली कायम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.

प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग पर घेरा

नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर 'पैलेट गन' और AK-47 का इस्तेमाल करने की इजाजत किसने दी थी?

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उन्होंने कहा, 'किसी भी छात्र या छात्रा पर पड़ी हर लाठी, छात्रों की पीठ से ज्यादा सरकार की साख पर लगी है.' उन्होंने कहा कि छात्रों को सड़कों से तो हटाया जा सकता है, लेकिन उनके सवालों को नहीं दबाया जा सकता.'

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