कारगिल विजय दिवस, ऑपरेशन सिंदूर, पेपर लीक और नक्सलवाद पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश, पढ़ें बड़ी बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस, ऑपरेशन सिंदूर, सिंधु जल संधि के निलंबन, नक्सलवाद के खात्मे और पेपर लीक का जिक्र किया. उन्होंने सशस्त्र बलों के साहस की सराहना करते हुए छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर भी जोर दिया.

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80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया.(Photo- Social Media) 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया.(Photo- Social Media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को भारतीय सशस्त्र बलों के 'अद्वितीय साहस' की सराहना की. 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सटीक तरीके से आतंकवाद विरोधी कार्रवाई करने की भारत की क्षमता का प्रदर्शन किया और आतंकियों व उनके समर्थकों को साफ संदेश दिया कि वे कहीं भी छिपे हों, उन्हें अपने कृत्यों के परिणाम भुगतने होंगे.

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राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को हमने कारगिल विजय दिवस मनाया. इससे पहले 7 मई को हमने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के एक साल पूरे होने का स्मरण किया. हमने अपने सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस को याद किया. आतंकवाद के खिलाफ उस ऐतिहासिक अभियान ने सटीक तरीके से कार्रवाई करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता का प्रदर्शन किया.'

उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकियों और उनका समर्थन करने वालों को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया कि वे कहीं भी छिपे हों, उन्हें अपने किए का परिणाम भुगतना होगा.

भारत ने पिछले साल मई में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को निशाना बनाते हुए पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के भीतर हवाई हमला किया था. यह कार्रवाई पहलगाम में 26 लोगों, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, उनकी हत्या के जवाब में की गई थी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने आतंकी संगठनों के कई ठिकानों को नष्ट किया था.

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किसानों के हित में बड़ा फैसला

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख से जुड़े रणनीतिक कदमों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आतंकी नेटवर्क को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला देशहित में, खासकर किसानों के हित में, एक 'निर्णायक कदम' था.

आंतरिक सुरक्षा का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने दशकों के संघर्ष के बाद नक्सलवाद के खात्मे को देश की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के लिए गंभीर चुनौती बना रहा. भारत को नक्सल मुक्त बनाना एक बड़ी उपलब्धि है. आज नक्सलवाद से प्रभावित रहे इलाकों में उत्साह का माहौल है.' उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में समावेशी विकास के प्रयासों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से बदलाव आया है. राष्ट्रपति ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का भी जिक्र किया.

पेपर लीक का जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि छात्र भारत के भविष्य के निर्माता हैं. उन्होंने कहा कि पेपर लीक और अनुचित तरीकों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में व्यापक सुधार के कदम उठा रही है, ताकि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके. राष्ट्रपति ने कहा कि जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और समाज एकजुट रहते हैं, वैसे ही छात्रों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए.

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