'हनुमान चालीसा पढ़ रहा था, सबको मरने नहीं दे सकता यही था मन में', PM मोदी से बातचीत में बोले कैप्टन स्मित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर कैप्टन स्मित से बात की, इस दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि वह विमान में हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे और उनके मन में बस यही था कि वह किसी को मरने नहीं दे सकते.

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कैप्टन स्मित से पीएम मोदी ने फोन पर बात की. (Photo- ITG) कैप्टन स्मित से पीएम मोदी ने फोन पर बात की. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में को-पायलट के हमले में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने उनकी हिम्मत, सूझबूझ और मुश्किल वक्त में संयम बनाए रखने की तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है.

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित काफी भावुक हो गए. उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि वह उनके सबसे बड़े आदर्श हैं और प्रधानमंत्री का इस तरह फोन करके उनका हौसला बढ़ाना उनके लिए बेहद गर्व की बात है. स्मित ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें पीएम मोदी से बात करने का मौका मिलेगा.

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'गिर गया था, लेकिन पता था नहीं उठा तो मर जाऊंगा'

कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को उस खौफनाक पल के बारे में बताया, जब उन पर हमला हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें काफी चोटें लगी थीं, लेकिन उन्होंने खुद से कहा कि उन्हें उठकर कुछ करना होगा. उस वक्त वह अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे थे. स्मित ने बताया कि वह गिर गए थे, लेकिन उन्हें एहसास था कि अगर वह नहीं उठे तो उनकी मौत हो जाएगी.

उन्होंने बताया कि वह 17 साल से उड़ान भर रहे हैं और पिछले 11 साल से कैप्टन हैं. इसलिए आंखें बंद होने के बावजूद वह समझ पा रहे थे कि विमान में क्या हो रहा है. उन्हें पता था कि उन्हें आखिरी कोशिश करनी होगी. इसके बाद उन्होंने खुद को उठाया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की. दरवाजा खुलते ही बाकी लोग भी अंदर आ गए.

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'सबने बराबर भूमिका निभाई'

कैप्टन स्मित ने कहा कि विमान में जो कुछ हुआ, उसमें हर किसी ने बराबर भूमिका निभाई. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उस मुश्किल वक्त में उन्हें पता था कि उन्हें क्या करना है और उन्होंने आखिरी कोशिश करने का फैसला किया.

मुश्किल वक्त में पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा

कैप्टन स्मित ने बताया कि जब भी वह मुश्किल में होते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. फ्लाइट में उस डरावने वक्त के दौरान भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे. उन्होंने कहा कि उनके मन में बस यही था कि वह किसी को मरने नहीं दे सकते.

पीएम मोदी ने कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं. उन्होंने स्मित की मां गीता बेन का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भगवद्गीता की सीख और संस्कारों के साथ उन्हें बड़ा किया है.

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