सांसदों को पीएम मोदी की नसीहत... लेटरहेड के दुरुपयोग से बचें, फोन पर संयमित भाषा और विपक्ष से सीखने की दी सलाह

प्रधानमंत्री ने सांसदों को कुछ अहम सलाह दी हैं. उन्होंने कहा कि सांसद अपने लेटरहेड के गलत इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहें और फोन पर बात करते समय लोगों से रूखा व्यवहार न करें. साथ ही उन्होंने सांसदों से कहा कि वे अपने साथी सांसदों से सीखें, चाहे वे विपक्ष के ही क्यों न हों. प्रधानमंत्री ने यह भी समझाया कि अच्छे नतीजे पाने के लिए वर्तमान में जीना जरूरी है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सांसदों को सलाह दी है कि लोगों से विनम्रता से बात करें (Photo: PTI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सांसदों को सलाह दी है कि लोगों से विनम्रता से बात करें (Photo: PTI)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को अहम सलाह दी है. उन्होंने कहा कि सांसद अपने लेटरहेड के गलत इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहें और फोन पर बात करते समय लोगों से रूखा व्यवहार न करें. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि उन्हें अपने साथी सांसदों से सीखना चाहिए, चाहे वे विपक्ष के ही क्यों न हों. प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अच्छे नतीजे पाने के लिए वर्तमान में जीना बहुत जरूरी है.

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सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सांसदों को समझाया कि उनके नाम और पद का इस्तेमाल कई बार गलत तरीके से हो सकता है, इसलिए हर सांसद को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि उनका लेटरहेड कोई गलत इस्तेमाल न करे.

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों को फोन पर बातचीत के दौरान विनम्रता बनाए रखनी चाहिए और लोगों के साथ रूखे तरीके से पेश नहीं आना चाहिए. प्रधानमंत्री का मानना है कि जनता से सीधा जुड़ाव तभी मजबूत रहता है जब व्यवहार में शालीनता हो.

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इसके अलावा प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह सलाह दी कि वे अपने साथी सांसदों से कुछ न कुछ जरूर सीखें, भले ही वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों. उन्होंने विपक्ष के सांसदों से भी सीखने की बात कहकर यह संदेश दिया कि राजनीति में सीखने की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए.

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बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने अनुभव से एक उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह वह उस पल में पूरी तरह मौजूद थे और किसी और बात के बारे में नहीं सोच रहे थे, ठीक वैसे ही वह हमेशा उसी पल पर ध्यान केंद्रित रखने और उसी में जीने की कोशिश करते हैं. उनका कहना था कि वर्तमान में जीने से ही काम में अच्छे नतीजे मिलते हैं.

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