'ये उनका सेलेक्टिव रवैया...', बंगाल में महिला की पिटाई पर विपक्ष की चुप्पी पर PM मोदी ने उठाए सवाल

पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के साथ अत्याचार पर विपक्ष का सिलेक्टिव रवैया रहा है. ये रवैया बहुत ही चिंताजनक है. आदरणीय सभापति जी, मैं आपके माध्यम से देश को बताना चाहता हूं कि मैं किसी राज्य के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं और ना ही राजनीतिक स्कोर करने के लिए बोल रहा हूं. लेकिन कुछ समय पहले मैंने बंगाल से आई कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया पर देखा. इस घटना के वीडियो देखा. 

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बंगाल में महिला से मारपीट पर बोले पीएम मोदी बंगाल में महिला से मारपीट पर बोले पीएम मोदी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस से लेकर राहुल गांधी और बंगाल में एक महिला से सरेआम हुई मारपीट पर भी बात की.

पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के साथ अत्याचार पर विपक्ष का सिलेक्टिव रवैया रहा है. ये रवैया बहुत ही चिंताजनक है. आदरणीय सभापति जी, मैं आपके माध्यम से देश को बताना चाहता हूं कि मैं किसी राज्य के खिलाफ नहीं बोल रहा हूं और ना ही राजनीतिक स्कोर करने के लिए बोल रहा हूं. लेकिन कुछ समय पहले मैंने बंगाल से आई कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया पर देखा. इस घटना के वीडियो देखा. 

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उन्होंने कहा कि मैंने देखा कि एक महिला को सरेआम सड़क पर पीटा जा रहा था. वो बहन चीख रही है, लेकिन वहां खड़े किसी शख्स ने मदद नहीं की. वे सिर्फ वीडियो बना रहे थे. जो घटना संदेशखाली में हुई, जिसकी तस्वीरें रोंगटे खड़े करने वाली है. मैं कल से बड़े-बड़े दिग्गजों को सुन रहा हूं. लेकिन उनके शब्दों में इसे लेकर पीड़ा नहीं दिखाई दी. इससे बड़ी शर्मिंदगी का दुखद चित्रण क्या हो सकता है. 

पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग अपने आप को प्रगतिशील नेता और नारीवादी नेता मानते हैं, वो भी मुंह पर ताले लगाकर बैठ गए हैं क्यंकि उनका संबंध उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े किसी दल या राज्य से है. इस वजह से महिलाओं पर हुई पीड़ा पर वे चुप हैं. मैं समझता हूं कि जिस प्रकार से दिग्गज लोग भी ऐसी बातों को नजरअंदाज करते हैं, तब देश को पीड़ा तो होती ही है, उससे ज्यादा पीड़ा महिलाओं और बहनों को होती है.

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पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, हमने जन उत्सव मनाने का फैसला किया है. देश की जनता ने हमें तीसरी बार जो अवसर दिया है, वह अवसर विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत इस यात्रा को स्वीकृति देने के लिए है. देश के कोटि-कोटि जनों ने इस संकल्प को आगे ले जाने के लिए आशीर्वाद दिया है.

राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि इस देश ने धर्म की राजनीति को ठुकरा दिया है और भरोसे की राजनीति पर मुहर लगाई है.. दस साल के बाद किसी एक सरकार की फिर से वापसी हुई है.

जनता के फैसले को ब्लैकआउट करने की कोशिश

मोदी ने कहा कि भारत के लोकतंत्र के छह दशक के बाद ये असामान्य घटना है. कुछ लोग जानबूझकर मुंह फेरकर बैठे हुए हैं, कुछ लोग हो-हल्ला करने में लगे हैं कि कैसे देश की जनता के इस फैसले को ब्लैकआउट किया जाए. उन्होंने कहा कि मैं कुछ दिन से देख रहा हूं कि दबे मन से ही सही पराजय स्वीकार की जा रही है. 

पीएम मोदी ने कहा कि हमने किसानी को एक व्यापक स्वरूप में देखा है. किसानों और मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिला है. किसानों की खेती के काम को मजबूती मिली है. पहले किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया गया था. 

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उन्होंने कहा कि सात हजार करोड़ की कर्जमाफी का इतना हल्ला मचाया था. हमने प्रधानमंत्री किसान सामान्य योजना चलाई और इसका लाभ 10 करोड़ किसानों को हुआ है. सरकार छह साल में तीन लाख करोड़ रुपये किसानों को दे चुके हैं.

लोकसभा में भी विपक्ष पर बरसे थे पीएम मोदी

बता दें कि पीएम मोदी ने इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बालक बुद्धि और कांग्रेस को परजीवी बताते हुए निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि यह लगातार तीसरी बार है जब कांग्रेस पार्टी 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है. उन्होंने राहुल गांधी के हिंदू वाले बयान को लेकर भी पलटवार करते हुए कहा था कि इस देश के हिंदुओं के साथ ये है आपका व्यवहार?

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि इन लोगों का झूठ हमारे देश के नागरिकों की विवेक बुद्धि पर आशंका व्यक्त करता है. इनका झूठ देश के सामान्य विवेक बुद्धि पर एक तमाचा मारने की निर्लज हरकत है. ये हरकतें देश की महान परंपराओं पर तमाचा है.

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