'भारत में 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां खड़ी हों', पीयूष गोयल की जापान से निवेश बढ़ाने की अपील

जापानी कंपनियों से भारत में बड़े स्तर पर निवेश और कारोबार बढ़ाने की अपील केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की है. उन्होंने सुजुकी जैसे उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में जापानी कंपनियों की संख्या बढ़ाकर 1,580 से अधिक करना चाहते हैं.दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27.47 अरब डॉलर है.

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Union Commerce and Industry Minister Piyush Goyal addresses the 'India-Japan Next Generation Economic Partnership: From Chubu to India' event in Nagoya, Japan. (@PiyushGoyal/X via PTI Photo) Union Commerce and Industry Minister Piyush Goyal addresses the 'India-Japan Next Generation Economic Partnership: From Chubu to India' event in Nagoya, Japan. (@PiyushGoyal/X via PTI Photo)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:42 PM IST

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापान से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील की है. उन्होंने जापानी कंपनियों से भारत में बड़े स्तर पर कारोबार करने को कहा है. जापान दौरे के दौरान गोयल ने सुजुकी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि भारत में सुजुकी का मार्केट कैप उसकी मूल कंपनी से भी ज्यादा है.

गोयल ने कहा कि भारत से दुनिया के लिए कई बड़े और फायदे वाले कारोबार सामने आ रहे हैं. उन्होंने भारत में काम कर रही 1,580 जापानी कंपनियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि यहां 1,580 सुजुकी जैसी कंपनियां तैयार हों.

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पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय उद्योग जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जापान पहुंचा. इसमें 220 से ज्यादा उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं. यह दौरा 24 से 27 अगस्त तक चल रहा है.

इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और औद्योगिक सहयोग बढ़ाना है. दोनों देश निवेश के नए अवसर तलाश रहे हैं. साथ ही व्यापार घाटा कम करने पर भी चर्चा हो रही है. भारत और जापान के बीच इस समय करीब 27.47 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है. भारत का व्यापार घाटा मुख्य रूप से तकनीकी और विशेषीकृत विनिर्माण उत्पादों के आयात की वजह से है.

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सुमितोमो और मेइजी सेइका से बातचीत

गोयल ने सुमितोमो कॉरपोरेशन के सीईओ शिंगो उएनो से मुलाकात की. दोनों के बीच ऊर्जा, मोबिलिटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई. भारत में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर भी बातचीत हुई.

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गोयल ने मेइजी सेइका फार्मा के प्रेसिडेंट तोशियाकी नागासातो से भी मुलाकात की. दोनों ने फार्मा सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. इसमें मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च पर खास जोर रहा. मेइजी सेइका फार्मा जापानी इंसेफेलाइटिस की वैक्सीन को लेकर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाश रही है.

भारत और जापान कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं. इनमें सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और फार्मास्युटिकल सेक्टर शामिल हैं. जापान ने अगले 10 साल में भारत में 62 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा है. इसमें करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश पहले ही हो चुका है.

गोयल ने मित्सुबिशी कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि निदेशक जूरो बाबा से भी मुलाकात की. इस बैठक में मोबिलिटी, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई.

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जापानी कंपनियों के साथ सीधा संपर्क

दौरे के दौरान गोयल ने जापान सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की. उन्होंने कैपिटल गुड्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर राउंडटेबल की अध्यक्षता भी की.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापान बिजनेस फेडरेशन और जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ भी बातचीत की. टोक्यो में फिनटेक एसोसिएशन ऑफ जापान और JAXA के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात हुई.

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भारतीय उद्योग प्रतिनिधि जापान में कई बड़ी कंपनियों की सुविधाओं का दौरा भी करेंगे. इनमें Hitachi, Daikin, Panasonic, Omron और HORIBA जैसी कंपनियां शामिल हैं.

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इन दौरों का मकसद तकनीक और अनुभव साझा करना है. साथ ही निवेश के नए रास्ते तलाशना भी है. गोयल का संदेश साफ है कि भारत जापानी कंपनियों की मौजूदगी को केवल निवेश तक सीमित नहीं रखना चाहता. भारत जापान के सहयोग से देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है.

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