'दिल्ली में लड़की के साथ जो हुआ वह घोर निंदनीय लेकिन...' साक्षी के कत्ल और साहिल के धर्म पर क्या बोले ओवैसी

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2023 में शामिल हुए ओवैसी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के बीच लड़ाई एक सवाल पर केंद्रित है- कौन बड़ा हिंदू है - राहुल गांधी या पीएम मोदी? उन्होंने लव जिहाद और दिल्ली में हुई साक्षी की हत्या पर भी प्रतिक्रिया दी.

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ओवैसी ने की साक्षी हत्याकांड की निंदा ओवैसी ने की साक्षी हत्याकांड की निंदा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2023,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

फायरब्रांड सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2023 में दावा किया कि देश में कोई धार्मिक ध्रुवीकरण नहीं हो रहा है. अपने बयान का मतलब समझाते हुए ओवैसी ने कहा, “ध्रुवीकरण तब होता है जब दो बराबर वाले पक्ष होते हैं, हकीकत ये है कि एक बहुसंख्यक नफरत का एजेंडा चलाया जा रहा है है जिसे भाजपा बढ़ावा दे रही है. इसने मुसलमानों को पहले से कहीं अधिक अलग-थलग और हाशिए पर डाल दिया है.'

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लव जिहाद और साक्षी हत्याकांड पर ओवैसी का बयान

दिल्ली में हुई साक्षी की हत्या और लव जिहाद से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा, 'आप लव जिहाद की बात करते हैं, इसी राज्य (केरल) का एक केस सुप्रीम कोर्ट में गया था, सारी थ्योरीज धरी की धरी रह गई और केस ही गलत साबित हो गया. क्या मुझे पूरे हिंदू समुदाय को बदनाम करना चाहिए क्योंकि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को मारा था? क्या मुझे उस पूरे समुदाय को बदनाम करना चाहिए जिनके लोगों ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या की थी? किसी भी तरह की हिंसा की आलोचना होनी चाहिए. जो दिल्ली में उस लड़की के साथ हुआ वह घोर निंदनीय है. मैंने भी वो वीडियो देखा, मैं बहुत दुखी हुआ. लेकिन इसे धार्मिक रंग देना, या किसी भी घटना को धार्मिक रंग देना बिल्कुल गलत है.'

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साक्षी के मर्डर पर ओवैसी ने कहा, 'महिलाओं के खिलाफ जो जुल्म होता है उसकी निंदा करनी चाहिए. अगर आप इसे एंगल देंगे तो फिर आजमगढ़ में प्रिंस ने जो सिर काटा था उसे क्या कहेंगे. मजहब का एंगल तब होता जब एक पीएम मुस्लिमों के खिलाफ बनाई गई हेट फिल्म का प्रचार करते हैं. हम हर हिंसा की निंदा करते हैं. देश चलेगा कानून के हिसाब से. जो इस देश को बांटना चाहते हैं उनके खिलाफ डर फैलाइए.' 

राहुल पर हमला

कांग्रेस द्वारा खुद को बीजेपी की बी टीम बताए जाने पर ओवैसी ने कहा,'हैदराबाद में आकर लड़िए ना. मुस्लिम खौफ की बुनियाद पर वोट देते है, ना कि उम्मीद की बुनियाद पर.. दूसरे समुदाय के लोग मुझे ये मिलेगा, या मिलेगा... इसके आधार पर वोट देते हैं... राहुल गांधी क्यों अमेठी से हारे, वो वायनाड़ में मुस्लिमों की वजह से जीते है. मेरी वजह से मोदी जीत रहे हैं या राहुल गांधी की वजह से..? कब तक आप मुस्लिमों को अपनी नाकामी के लिए जिम्मेदार ठहराएंगे. आप खौफ पैदा कर रहे हैं, मैं तो केवल कह रहा हूं कि अपनी वोट की ताकत पहचानें. गहलोत और पायलट मेरी वजह से लड़ रहे हैं. कर्नाटक में दो नेता मनमुटाव हो रहा है वो मेरी वजह से हो रहा है. तेलांगना में हम पूरी ताकत से लड़ेंगे.'

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यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुसलमानों के डर से खेल रहे हैं, ओवैसी ने इनकार करते हुए कहा, 'इस्लाम कभी खतरे में नहीं हो सकता. यह देश है जो खतरे में है, सामाजिक तानाबाना और संविधान जो खतरे में है.'

संसद का उद्घाटन समारोह धार्मिक आयोजन

नए संसद के उद्घाटन समारोह को धार्मिक आयोजन बताते हुए ओवैसी ने कहा, 'स्पीकर कस्टोडियन होता है, स्पीकर को उद्घाटन करना चाहिए था. देश के प्रधानमंत्री एक धार्मिक प्रतीक के आगे लेट गए क्या वो एक ही समुदाय के प्रधानमंत्री हैं क्या? आप लोकसभा में अन्य समुदाय के लोगों को लेकर क्यों नहीं गए, केवल एक ही समुदाय के लोगों को लेकर क्यों गए. क्या इसी दिन को देखने के लिए हमारे पूर्वजों ने देश आजाद कराएगा.'

केरल फाइल्स पर दी प्रतिक्रिया

केरल फाइल्स पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा, 'इस फिल्म के मुख्य प्रमोटर तो प्रधानमंत्री मोदी हैं.अब प्रधानमंत्री की अतिरिक्त ड्यूटी मूवी प्रमोट करना भी है. यह मूवी पूरी तरह से झूठ पर आधारित है.किसी भी तरह की हिंसा का बिल्कुल आलोचना होनी चाहिए, लेकिन हर घटना को धार्मिक रंग देना गलत है. यह मूवी घृणा फैलाती है. सारे मुस्लिम धर्म संगठन आईएसआईएस की आलोचना कर चुके हैं.'

 

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