केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के ‘हवा में उड़ने वाली बस’ वाले बयान के बाद अब स्काई बस को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है. गडकरी ने सोशल मीडिया पर स्काई बस तकनीक का एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में इस आधुनिक परिवहन व्यवस्था की कार्यप्रणाली और इसकी संभावनाओं के बारे में बताया गया है.
गडकरी ने स्काई बस को सिर्फ एक नई परिवहन तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य के शहरों के लिए एक संभावित विकल्प बताया है. उन्होंने कहा कि इनोवेशन का मकसद सिर्फ रफ्तार बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों के लिए बेहतर सुविधा और परिवहन व्यवस्था तैयार करना भी है.
गडकरी संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह स्थित uSky के टेस्ट एंड सर्टिफिकेशन सेंटर पहुंचे थे. वहां उन्होंने स्काई बस तकनीक को करीब से देखा और इसकी टेस्ट राइड भी ली थी. uSky के मुताबिक, इस व्यवस्था में वाहन जमीन से ऊपर बने एलिवेटेड रेल सिस्टम पर चलते हैं.
इस तकनीक में इलेक्ट्रिक पॉड जमीन पर सड़क के बजाय ऊपर बने ट्रैक पर चलते हैं. इसका मकसद सड़क के ऊपर अलग परिवहन कॉरिडोर तैयार करना है, जिससे कम जमीन का इस्तेमाल करते हुए यात्रियों और सामान की आवाजाही की जा सके.
गडकरी ने अपने वीडियो में इसी तकनीक को लेकर कहा कि यह परिवहन क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए उपयोगी तकनीक हो सकती है. उन्होंने इसे बड़े पैमाने पर परिवहन, यात्रियों और सामान की आवाजाही के लिए संभावित विकल्प बताया. साथ ही उन्होंने लागत और सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया.
स्काई बस एक तरह की ऊंचाई पर चलने वाली परिवहन व्यवस्था है. इसमें छोटे इलेक्ट्रिक पॉड या वाहन जमीन पर चलने के बजाय ऊपर बने ट्रैक पर चलते हैं. इस व्यवस्था में सड़क के ऊपर एक अलग कॉरिडोर तैयार किया जाता है. दावा है कि इससे जमीन की जरूरत कम हो सकती है और सड़क पर मौजूद यातायात के साथ अलग रास्ते पर यात्रियों की आवाजाही संभव हो सकती है.
सड़क के ऊपर बनेगा अलग रास्ता
स्काई बस की खासियत यह है कि इसमें परिवहन के लिए जमीन पर मौजूद सड़क का इस्तेमाल नहीं किया जाता. वाहन ऊंचाई पर बने ट्रैक पर चलते हैं. ऐसे में इस तरह की व्यवस्था का इस्तेमाल उन शहरों में किया जा सकता है जहां सड़क पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है और नई सड़क या मेट्रो लाइन के लिए जमीन उपलब्ध कराना मुश्किल है. इसकी तकनीक का मकसद भीड़भाड़ कम करने, प्रदूषण घटाने और शहरी परिवहन के लिए कम जमीन इस्तेमाल करने वाला विकल्प उपलब्ध कराना है.
‘उड़ने वाली बस’ वाले बयान पर बनाया गया था मजाक
स्काई बस का जिक्र नया नहीं है. गडकरी पहले भी भारत में इस तरह की परिवहन व्यवस्था की जरूरत की बात कर चुके हैं. 30 सितंबर 2026 को एक कार्यक्रम में उन्होंने फिर कहा कि वह हवा में चलने वाली बस शुरू करना चाहते हैं. उन्होंने ऐसी बस की कल्पना बताई जिसमें लोग जमीन के ऊपर एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकें.
इससे पहले जुलाई में लखनऊ के एक कार्यक्रम में भी गडकरी ने कहा था कि सरकार परिवहन व्यवस्था में नई तकनीक लाने पर काम कर रही है और उन्होंने ‘हवा में उड़ने वाली बस’ का जिक्र किया था. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसका मजाक भी बनाया था.
दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में सुधर सकती है ट्रैफिक व्यवस्था
गडकरी के कार्यालय के मुताबिक, भारत में तेजी से बढ़ते शहरों के लिए परिवहन के नए विकल्पों पर विचार करने की जरूरत है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के बीच जमीन के ऊपर परिवहन व्यवस्था एक विकल्प हो सकती है.
हालांकि, स्काई बस को लेकर अभी इसे भारत में नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा के तौर पर शुरू करने की कोई घोषित समयसीमा सामने नहीं आई है. फिलहाल चर्चा नई परिवहन तकनीक और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर है.
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