जेपी नड्डा ने किया SC के फैसले का स्वागत, CJP ने रद्द किया 5 सितंबर का प्रोटेस्ट

NEET मामले को लेकर पिछले एक महीने से आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 सितंबर को प्रस्तावित आंदोलन रद्द करने का ऐलान किया है.

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रोटेस्ट को लेकर SC के  फैसले का स्वागत किया है केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रोटेस्ट को लेकर SC के फैसले का स्वागत किया है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

NEET मामले को लेकर पिछले एक महीने से आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना आंदोलन रद्द करने का ऐलान किया है. CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन को सफल बताते हुए कहा कि छात्रों पर दर्ज मामले वापस लेने और NEET से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की उनकी प्रमुख मांगों पर फैसला आ गया है. वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आंदोलन वापस लेने के फैसले का स्वागत किया है.

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दिल्ली में जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से पहले ही भरोसा दिया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी.

उन्होंने कहा, 'छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमने भारत सरकार की ओर से आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी. इसी के अनुरूप हमने भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों की सरकारों से भी बातचीत की और अब हम अपने उस आश्वासन को पूरा कर रहे हैं.'

नड्डा ने आंदोलन वापस लेने के फैसले का किया स्वागत

जेपी नड्डा ने CJP की ओर से 5 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन वापस लेने के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि CJP के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है और सरकार इसका स्वागत करती है. नड्डा ने कहा कि युवाओं की प्रगति और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.

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दूसरी ओर, छत्रपति संभाजीनगर में CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आंदोलन की बड़ी जीत बताया. दीपके ने कहा कि पिछले करीब एक महीने से छात्रों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जा रहा था. आंदोलन की दो प्रमुख मांगें थीं- प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जाए और NEET से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए.

यह भी पढ़िएः CJP प्रोटेस्ट के दौरान 5 राज्यों में दर्ज सभी FIR होंगी रद्द, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

'सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिला न्याय'

दीपके ने कहा कि सरकार की ओर से पहले इन मांगों को स्वीकार नहीं किया जा रहा था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छात्रों और पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है. इसी के मद्देनजर 5 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित आंदोलन को रद्द करने का निर्णय लिया गया है.

उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को भी इस संघर्ष की महत्वपूर्ण कड़ी बताया. दीपके ने दावा किया कि आंदोलन के दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आंदोलन को सही मायने में सफलता मिली है.

पीड़ित परिवारों से भी की बातचीत

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अभिजीत दीपके ने NEET मामले से जुड़े आत्महत्या पीड़ित छात्रों के परिवारों से भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उस नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन उन परिवारों को हर संभव सहारा देने की कोशिश की जाएगी.

दीपके के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों के दौरान दिल्ली से आए आंदोलन से जुड़े साथियों के साथ कई दौर की बैठकें भी हुईं. इन बैठकों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले, छात्रों से जुड़े मुद्दों और आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. इसके बाद 5 सितंबर के आंदोलन को रद्द करने का फैसला लिया गया.
 

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