विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में पहली सीनियर सैन्य कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई. यह बैठक 6 सितंबर को भारतीय क्षेत्र के वाचा में और 7 सितंबर को चीनी क्षेत्र के दमाई में आयोजित की गई.
यह अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पहली कोर कमांडर स्तर की बातचीत है. यह बैठक LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और चीन के बीच जारी प्रयासों के बीच हुई है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इसी तरह की व्यवस्था पश्चिमी सेक्टर में भी मौजूद है, जहां भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की कई बैठकें हो चुकी हैं. यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमा मुद्दे पर भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत जारी है. दोनों पक्ष LAC पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों के तहत लगातार संपर्क में हैं.
रूस और यूक्रेन के विवाद पर भी बयान
रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत यूक्रेन और रूस दोनों पक्षों के संपर्क में है और ऐसे विचार व सुझाव तलाशने की कोशिश कर रहा है, जो संघर्ष को रोकने में मदद कर सकें. उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में यूक्रेन और पोलैंड का दौरा किया. प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत के दौरान डॉ. जयशंकर ने दोहराया कि भारत लगातार यह कहता रहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है और युद्ध के मैदान से समाधान नहीं निकल सकता. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस बात का भी जिक्र किया कि अब अंतहीन युद्ध को युद्ध के अंत का रास्ता देना चाहिए.
विदेश मंत्री ने कहा कि इसमें शामिल पक्षों को ही आगे का रास्ता तलाशना है. हालांकि, अगर भारत किसी भी तरह से युद्ध खत्म कराने में मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है.
शिवानी शर्मा