देश में नौकरियों और आरक्षण के मुद्दे को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर चोर दरवाजे से आरक्षण खत्म करने का आरोप लगाया है. वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का कहना है कि आरक्षण कोई खैरात नहीं है, बल्कि संवैधानिक अधिकार है और इसे खत्म नहीं किया जा सकता.
खड़गे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने चोर दरवाजे से आरक्षण खत्म करने की योजना बनाई है. 2015 में केंद्र सरकार में 4.21 लाख पद खाली थे, जो 2024 में बढ़कर 8.24 लाख हो गए हैं. रेलवे में 2.40 लाख, रक्षा क्षेत्र में 2.41 लाख और गृह मंत्रालय में 1.10 लाख पद खाली पड़े हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां खत्म कर दी गईं और ठेका कर्मचारियों की हिस्सेदारी 19% से बढ़कर 49% हो गई. उन्होंने कहा, 'सवाल सिर्फ रोजगार का नहीं, सामाजिक न्याय का है. सरकारी पद खाली रखो तो आरक्षण का मौका खत्म. PSU बेचो तो आरक्षित नौकरियां खत्म. स्थायी नौकरी को ठेके में बदलो तो आरक्षण खत्म.'
खड़गे ने आगे कहा कि आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान बदलना जरूरी नहीं, बल्कि आरक्षण वाली नौकरियां खत्म कर देना ही काफी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का यही सामाजिक न्याय विरोधी एजेंडा है, जिससे SC, ST, OBC और EWS से उनका संवैधानिक हक छीना जा रहा है.
'जब तक मैं सरकार में हूं, आरक्षण पर आंच नहीं आने दूंगा'
मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण का समर्थन किया. चिराग ने कहा, 'क्या आरक्षण को सिर्फ किसी के कह देने भर से खत्म किया जा सकता है? आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है. इसे खत्म करने की बात तो दूर, इसकी समीक्षा या इसमें बदलाव की सोच भी उन लोगों की सोच को दिखाती है, जो ये नहीं समझते कि आरक्षण आज भी क्यों जरूरी है.'
चिराग पासवान ने आगे कहा कि आज भी सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोका जाता है, बारातें रोकी जाती हैं और मंदिर जाने के बाद परिसर को गंगाजल से शुद्ध करने जैसी घटनाएं सामने आती हैं. ये घटनाएं बताती हैं कि छुआछूत और भेदभाव की मानसिकता आज भी समाज में मौजूद है। ऐसे में आरक्षण की जरूरत को नकारा नहीं जा सकता.
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चिराग पासवान ने आखिर में दावा किया, 'मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जब तक मैं यहां हूं और जब तक रामविलास पासवान जी का बेटा चिराग पासवान सरकार का हिस्सा है, तब तक आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर या खत्म करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा.'
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