आंखों में आंसू, दिल में दर्द... नवजातों की मौत पर अमरावती अस्पताल में मचा कोहराम!

अमरावती के जिला महिला अस्पताल में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में झुलसने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई. वहीं, छह घायलों का इलाज जारी है.

Advertisement
अमरावती के अस्पताल में आग लगने से तीन नवजातों की मौत अमरावती के अस्पताल में आग लगने से तीन नवजातों की मौत

धनंजय साबले

  • अमरावती,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

अमरावती के जिला महिला अस्पताल में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में झुलसने से तीन मासूमों की मौत हो गई. दुर्घटना में बच्चों को खोने वाले परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. 

अस्पताल में अपने बच्चे की जिंदगी बचाने की उम्मीद लेकर गए माता-पिता की गोद सुनी हो गई है. परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों को इलाज के लिए लाए थे. उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस जगह वे अपने बच्चे को इलाज के लिए लाए हैं, वही जगह उसके लिए काल बनेगी. परिजनों में काफी आक्रोश है. 

Advertisement

परिजनों का सवाल है कि क्या अस्पताल में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं थे? उनका कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू पाने और बच्चों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की गई होती तो शायद आज मासूमों की जान बचाई जा सकती थी. प्रशासन की ओर से मामले में जांच और कार्रवाई की बात की जा रही है लेकिन जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खो दिया उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

कांग्रेस ने भी इस घटना को लेकर सवाल खड़े किए हैं. अमरावती से कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायदा लिया. उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने अस्पताल प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि तीनों मासूमों की मौत की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र के अमरावती में अस्पताल में लगी भीषण आग, झुलसकर 3 बच्चों की हुई मौत

बलवंत वानखड़े का कहना है कि अगर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था ठीक होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था. जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी अमरावती के अस्पताल का दौरा करने वाले हैं. इस मामले में जांच कमेटी का गठन किया जा सकता है. 

NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सिस्टम की लापरवाही का एक उदाहरण है. उनका कहना है कि मामले में कड़ी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने, महाराष्ट्र के निजी अस्पतालों में फायर ऑडिट और मेडिकल उपकरणों के सेफ्टी ऑडिट करने की भी मांग की है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »