संसद के मॉनसून सत्र का सोमवार को हंगामेदार आगाज हुआ. संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही की शुरुआत से ही विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक के साथ ही छात्रों के प्रोटेस्ट के मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया. विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई. लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी.
लोकसभा में एक मौका ऐसा भी आया, जब चेयर से डिप्टी स्पीकर पैनल के जगदंबिका पाल विपक्षी सांसदों पर भड़क गए. जगदंबिका पाल ने चेयर से सदन चलने देने की अपील की और फिर विपक्षी सदस्यों को फटकार भी लगाई. उन्होंने ड़ीएमके सांसद टीआर बालू का नाम लेकर कहा कि मिस्टर बालू, आप सीनियर मोस्ट सदस्य हैं. आप वेल में आए हैं?
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जगदंबिका पाल ने कहा कि आप नए सदस्यों के लिए क्या उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं. चेयर से पीठासीन ने कहा कि आप वेल में आए हैं, जनता ने आपको चुनकर इसलिए नहीं भेजा है कि वेल में आएं. उन्होंने कहा कि खगेन मुर्मू 377 में अपना नोटिस पढ़ें. नियम 377 ऐसा है, जिसमें मंत्री का जवाब आता है. जनता ने आपको चुनकर भेजा है, इसलिए भेजा है कि जनता की समस्याओं को उठा सकें.
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चेयर से जगदंबिका पाल ने कहा कि जनता ने आपको चुनकर इसलिए भेजा है, कि आप अपनी सीट से मुद्दे उठा सकें. आप अपनी सीट से जनता के मुद्दे उठाने के लिए यहां आए हैं. उन्होंने कहा कि सदन इस तरह से कैसे चलेगा. पूरा देश आपका व्यवहार देख रहा है. इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्षी दलों के सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की. हालांकि, विपक्षी दलों पर इसका कोई असर नहीं हुआ. लोकसभा की कार्यवाही छठी बार शाम तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
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