45 दिन में दो PM बदले, ब्रिटेन में क्या चल रहा है?

लिज ट्रस को क्यों देना पड़ा इस्तीफा,जनसंख्या पर संघ की चिंता का मतलब क्या,राम रहीम की पैरोल का हरियाणा पंचायत चुनावों से क्या कनेक्शन और क्या पाकिस्तान से शिफ्ट होगा एशिया कप? जानिए 'दिन भर' में

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रोहित त्रिपाठी

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  • 20 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 8:16 PM IST

आज से महज़ 43 दिन पहले हमने लिज़ ट्रस के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने की खबर आपको दी थी. आज खबर ये है कि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है. वैसे किसी को भी इस न्यूज़ से हैरानी नहीं हुई क्योंकि सरकार के दो महीने भी पूरे नहीं हुए, पहले उनके वित्त मंत्री बाहर हुए और आज गृहमंत्री. बताया जा रहा था उनकी ही कंज़रवेटिव पार्टी के करीब 100 सांसद नहीं चाहते कि लिज़ अब पद पर रहें. लिज़ पिछले महीने मिनी बजट लाई थीं जिससे सभी को बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन बाज़ार ने उसका स्वागत नहीं किया, नजीजतन हालात सुधरने के बजाय बिगड़ गए. ब्रिटिश करेंसी अपने सबसे बुरे दौर में पहुंची और बैंक ऑफ इंग्लैंड को सरकार के रेस्क्यू के लिए आना पड़ा. प्रधानमंत्री के दफ्तर दस डाउनिंग स्ट्रीट में आज सुबह से ही काफी हलचल थी और लग रहा था कोई बड़ी खबर आ सकती है. लिज़ ट्रस ने अपने इस्तीफे की खबर खुद मीडिया को दी. अब नया नेता अगले हफ्ते तक चुना जाना है.

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बढ़ती आबादी जाहिर है एक बड़ी चिंता है. लेकिन इसको लेकर अलग अलग विमर्श चल रहे हैं. संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कल एक बयान में बढ़ती आबादी को एक बड़ी समस्या बताया। लेकिन उसके साथ ही उन्होंने एक ऐसा विमर्श छेड़ दिया जिस पर अब खूब बहस हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत में आबादी जरूर बढ़ रही है लेकिन हिंदुओं की आबादी बाकी धर्मों की तुलना में घटी है. इसका कारण धर्म परिवर्तन है. आबादी पर संघ की ये चिंता नई नहीं है. आरएसएस के सर संघ चालक मोहन भागवत  ने कुछ ही दिन पहले ऐसी ही कुछ बात कही थी. इलाहाबाद में पिछले एक सप्ताह से संघ की कार्यकरिणी की बैठक हो रही थी, जिसका कल आखिरी दिन था जहां दत्तात्रेय ने ये बयान दिया. संघ की इस कार्यकारिणी के जो मुख्य मुद्दे थे उनमें जनसंख्या विस्फोट और जनसंख्या असंतुलन और धर्मांतरण थे.

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सुनिए दिन भर 

 

 

हरियाणा में पंचायत चुनाव करीब हैं. लेकिन एक पैरोल ने यहाँ विवाद मचाया हुआ है. पैरोल मिली है डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को. राम रहीम रेप और कई अन्य मामलों में सजा याफ़्ता हैं. उनकी इस रिहाई पर विपक्ष हमलावर है तो बीजेपी कह रही है कि ये निर्णय पूरी तरह से जेल प्रशासन का है, इसे सरकार से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. लेकिन एक विडीयो जिसमें बीजेपी की मेयर राम रहीम से आशीर्वाद मांग रही है, खेल बिगाड़ दिया है.  कांग्रेस कह रही है कि एक सजा याफ़्ता मुजरिम के पाँव छू कर बीजेपी संविधान का अपमान कर रही है. लेकिन हरियाणा में ये सब इतना आसान भी नहीं. कहा जाता है कि कोर्ट में आरोप सिद्ध होने के बाद भी राम रहीम का हरियाणा की राजनीति में एक खास रुतबा बरकरार है. पंचायत चुनावों के करीब आने पर राम रहीम के पैरोल की ये टाइमिंग किस ओर इशारा करती है और वहाँ की सियासत में इसका किस तौर पर असर होगा?

 

टी20 वर्ल्ड कप में सन्डे को इंडिया और पाकिस्तान का मुक़ाबला होना है. लेकिन दोनों टीमों की भिड़ंत से पहले एक अलग डिबेट शुरू हो गई है... अगले साल होने वाले एशिया कप को लेकर. ये एशिया कप पाकिस्तान में होना है और इसलिए इंडियन टीम को भी खेलने के लिए वहां जाना पड़ेगा. लेकिन दोनों देशों के रिश्ते अनुकूल नहीं होने की वजह से ये आपस में क्रिकेट खेल नहीं रहे. कुछ दिन पहले बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने कहा कि एशिया कप 2023 के लिए टीम इंडिया पाकिस्तान नहीं जाएगी, इसलिए एशिया कप का आयोजन किसी न्यूट्रल वेन्यू पर होना चहिए. जय शाह एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन भी होते हैं. उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट रमीज़ राजा का स्टेटमेंट आया, उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर 2023 में इंडिया में होने वाले आईसीसी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम भी हिस्सा नहीं लेगी. पीसीबी की इस धमकी पर भारतीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज कहा कि भारत में विश्व कप खेलने के लिये क्वालिफाई कर चुकी सभी टीमों को न्योता दिया जाएगा. भारत अब उस स्थिति में नहीं है कि किसी की सुनेगा और किसी के पास सुनाने का कोई कारण नहीं है, हम सभी का स्वागत करेंगे और उम्मीद है कि सभी आएंगे. तो इस विवाद की वजह क्या है, इसका समाधान कैसे होगा और बीसीसीआई की इस धमक का वर्ल्ड क्रिकेट पर क्या असर पड़ेगा? जानिए 'दिन भर' में 

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