केरल में अब प्राइवेट अस्पतालों के शुल्क घटाने की तरफ कदम बढ़ाए जाएंगे. इसे लेकर राज्य विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक पेश किआ जाएगा. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी. उन्होंने निजी अस्पतालों के शुल्क, आयुर्वेद संस्थान, बिना लाइसेंस वाले स्पा और सरकारी आयुर्वेदिक दवा निर्माता औषधि में ब्यूटी ट्रीटमेंट से जुड़े सवालों के जवाब दिए.
मुरलीधरन के मुताबिक, सरकार निजी अस्पतालों पर नियंत्रण की जरूरत को लेकर सहमत है और कई अस्पताल अब विदेशी कंपनियों के प्रबंधन में हैं. कमरों का किराया और दवाओं की कीमतें बिना किसी नियंत्रण के बढ़ रही हैं, जिससे कुछ बीमा कंपनियां बीमा देने से हिचक रही हैं. उन्होंने कहा, कि सरकार इस पर विधेयक बनाने की तैयारी में है. यह मौजूदा सत्र में नहीं, लेकिन अगले सत्र में जरूर पेश होगा."
सरकार ने केरलम में आयुर्वेद संस्थान की जगह तलाशने के लिए प्रमुख सचिव समेत टीम बनाई है. मंत्री ने कहा कि टीम दिल्ली का दौरा कर चुकी है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है.
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बिना लाइसेंस चल रहे स्पा पर कसेगा शिकंजा
बिना लाइसेंस चल रहे स्पा पर उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून इसकी इजाजत नहीं देता. स्वास्थ्य विभाग को सभी स्पा की जांच के निर्देश हैं और स्वास्थ्य निरीक्षक जांच कर रहे हैं. नियमों के उल्लंघन सामने आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
वहीं एक सवाल में औषधी में अंडे, गुड़हल की कलियों और खट्टे फल के रस वाले उपचार का जिक्र था. यह मामला पूर्व अध्यक्ष से जोड़ा गया. उनसे पूछा गया कि क्या इलाज का खर्च पूर्व अध्यक्ष से वसूला जाएगा. इसपर मुरलीधरन ने कहा कि समिति की रिपोर्ट में इस तरह के इलाज होने की बात दर्ज है और रिपोर्ट उन्हें मिल चुकी है. निजी अस्पतालों का विधेयक अगले सत्र में आएगा, हालांकि औषधि मामले में अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है और आगे कार्रवाई हो सकती है.
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