कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने रविवार को ऐलान करते हुए बताया कि राज्य में पार्टी का संगठनात्मक पुनर्गठन सोमवार से शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि ये कैंपेन भारत जोड़ो पहल के तहत चलाया जा रहा है.
हरिप्रसाद ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल 24 जुलाई को कर्नाटक पहुंचेंगे और इस कैंपेन का शुभारंभ करेंगे. उन्होंने बताया कि पूरे देश में कांग्रेस ने संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान शुरू किया है. दक्षिण भारत के राज्यों में कर्नाटक एकमात्र राज्य बचा है, जहां ये प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई थी.
ब्लॉक स्तर पर समीक्षा के बाद तय होंगे अध्यक्ष
इस बड़े अभियान को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कांग्रेस ने पुख्ता तैयारी की है. बीके हरिप्रसाद के मुताबिक, लगभग 177 पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर्स) को इस काम में लगाया गया है. इनमें एआईसीसी (AICC) के 40 और केपीसीसी (KPCC) के करीब 120 पर्यवेक्षक शामिल हैं. ये सभी पर्यवेक्षक हर जिले में कम से कम सात दिन का समय बिताएंगे और सभी ब्लॉकों का दौरा करेंगे. ये पर्यवेक्षक आलाकमान को इस बात की रिपोर्ट सौंपेंगे कि मौजूदा DCC अध्यक्षों को पद पर बनाए रखना है या बदलना है.
नए पदाधिकारियों का गठन
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस हाईकमान अंतिम फैसला लेगा. बेलगावी में अपनाए गए कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के प्रस्ताव के बाद से ये पार्टी का पहला व्यापक सांगठनिक अभियान है. केपीसीसी पदाधिकारियों में बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद अब एक नई कमेटी का गठन किया जाएगा. तब तक मौजूदा उपाध्यक्ष और महासचिव अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे.
मंत्रिमंडल में शामिल होने की अटकलें खारिज
बीके हरिप्रसाद ने कर्नाटक कैबिनेट में खुद के शामिल होने की तमाम अटकलों और चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट का गठन करना पूरी तरह से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में जगह पाने की अफवाहें पिछले तीन साल से चल रही हैं और ये उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने की एक साजिश है. उन्होंने 50 सालों तक बिना किसी पद के केवल पार्टी को सत्ता में लाने के लिए काम किया है.
विधानसभा सिर्फ सेमीफाइनल
आगामी चुनाव के रोडमैप पर बात करते हुए हरिप्रसाद ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए 2028 में होने वाला कर्नाटक विधानसभा चुनाव केवल एक 'सेमीफाइनल' की तरह है. हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने साल 2029 का लोकसभा चुनाव रखता है. कांग्रेस का असली और अंतिम लक्ष्य राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है.
वहीं, बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध में बीजेपी और जेडीएस (JDS) द्वारा घोषित पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिप्रसाद ने JD(S) पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपनी समस्याओं का सामना कर रही है, लेकिन उन्होंने कहा कि कांग्रेस BJP के कैंपेन का मुकम्मल जवाब देगी.
aajtak.in