'राम से भी बड़ा है सीता का कैरेक्टर...', CM डीके शिवकुमार ने की महिलाओं के नेतृत्व और त्याग की तारीफ

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने महिलाओं की शक्ति, संघर्ष और त्याग की सराहना करते हुए महिलाओं से ग्राम पंचायत से संसद तक नेतृत्व संभालने की अपील की. उन्होंने रामायण में माता सीता के चरित्र को भगवान राम से बड़ा बताया और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई.

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार. (Photo: PTI) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:27 PM IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को एक कार्यक्रम में महिलाओं की शक्ति, संघर्ष औक त्याग की जमकर सराहना की. उन्होंने रामायण में सीता के चरित्र को भगवान राम से भी बड़ा बताते हुए महिलाओं से ग्राम पंचायत से संसद तक नेतृत्व संभालने की अपील की.

डीके शिवकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु में 'उबुंटू कंसोर्टियम ऑफ वूमेन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन' द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला उद्यमिता दिवस के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए महिलाओं की शक्ति और उनके बलिदान की प्रशंसा की.

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'त्याग और संघर्ष है मिसाल'

सीएम ने कहा, 'रामायण में माता सीता का चरित्र भगवान राम से बहुत बड़ा है. उनके त्याग और संघर्ष मिसाल हैं. महिलाएं सृजन करने वाली होती हैं, जिन महिलाओं ने चुनौतियों को पार करके अपने कारोबार खड़े किए हैं, वो समाज के लिए आदर्श हैं और रोल मॉडल हैं.'

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं के नेतृत्व की जरूरत है और राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं हमेशा से सृजन करने वाली, समस्याओं का समाधान करने वाली और फैसले लेने वाली रही हैं. परिवार और संसाधनों को संभालने से लेकर कारोबार खड़ा करने तक, महिलाएं चुनौतियों को संभावनाओं में बदल सकती हैं.

डीके शिवकुमार ने कहा कि जब महिलाओं की रचनात्मकता, क्षमता और दृढ़ संकल्प को पूंजी, तकनीक और बाजार का सहयोग मिलता है तो उनके निर्माण की कोई सीमा नहीं होती.

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'इकोसिस्टम बनाना सरकार की जिम्मेदारी'

उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं की क्षमता को फलने-फूलने के लिए एक इकोसिस्टम बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, जहां महिलाओं की प्रतिभा पूरी तरह खिल सके. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि वो युवाओं और महिलाओं की ताकत में पूरा विश्वास रखते हैं और सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है.

युवाओं और महिलाओं की ताकत पर भरोसा जताते हुए शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांच गारंटी योजनाएं शुरू की हैं- शक्ति, गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति, अन्न भाग्य और युवा निधि.

कांग्रेस सरकार की 5 गारंटी

शिवकुमार ने अपनी कांग्रेस सरकार की पांच प्रमुख गारंटी योजनाओं- शक्ति, गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति, अन्न भाग्य और युवा निधि का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि शक्ति योजना के तहत महिलाएं राज्य भर की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर रही हैं. इससे उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन गारंटी योजनाओं का विरोध किया था.

मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह लक्ष्मी योजना के तहत राज्य की 1.22 करोड़ महिलाओं को 2,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जिससे उन्हें परिवार चलाने में बड़ी मदद मिली है. सरकार चार प्रतिशत ब्याज पर ऋण, सब्सिडी और स्त्री शक्ति योजना जैसे कई महिला-केंद्रित कार्यक्रम चला रही है. उन्होंने ये भी रेखांकित किया कि हर साल स्नातक होने वाले डॉक्टरों में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं. शिवकुमार ने कहा कि महिलाएं अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं हैं.

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'मानसिकता बदलने की जरूरत'

डीके शिवकुमार ने कहा कि उबुंटू के जरिए हजारों सपने एक साथ आए हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में आज भी ये सोच है कि पहला बच्चा लड़का होना चाहिए. हमें इस मानसिकता से बाहर निकलना होगा. माता-पिता के रूप में हमें बच्चों को संस्कार और अनुशासन सिखाना चाहिए. उन्होंने अपनी बेटी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक सशक्त महिला है, जिसने परिवार और बिज़नेस के बीच सफलतापूर्वक संतुलन बनाया है.

'महिलाएं हैं परिवार की आंख'

भारतीय संस्कृति में महिलाओं को परिवार की आंख बताते हुए शिवकुमार ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के संघर्षों की मिसाल दी. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अपनी सास पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पति पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के निधन जैसे आघातों से उबरकर पार्टी का नेतृत्व किया. दो बार प्रधानमंत्री बनने का मौका होने के बावजूद उन्होंने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह को पद सौंपा. ये महिलाओं के त्याग का बड़ा उदाहरण है. महिलाएं नेताओं को तैयार करती हैं और उन्हें आगे बढ़ाती हैं.

महाभारत की द्रौपदी और कुंती का उदाहरण देते हुए शिवकुमार ने कहा कि महिलाओं में अपार प्रतिभा और क्षमता है और उनसे नेतृत्व की भूमिका निभाने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा कि हमने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर महिलाओं के आरक्षण को स्वीकार किया है. ग्राम पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं के नेतृत्व की जरूरत है. 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के साथ अब महिलाओं को नेतृत्व करने से रोकना संभव नहीं होगा.

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बेंगलुरु टनल प्रोजेक्ट

शिवकुमार ने महिला उद्यमियों से बेंगलुरु के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित टनल प्रोजेक्ट का समर्थन करने का आग्रह किया. उन्होंने इसके विरोध को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि 1.4 करोड़ वाहनों वाले बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे पर सरकार 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है. शिवकुमार ने कहा कि भारत का विकास दक्षिण भारत के विकास पर निर्भर करता है और सभी को कर्नाटक की तरक्की में साझीदार बनना चाहिए.

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