कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार की वार्ता सफल होने के बाद दिल्ली के कॉन्टिट्यूशन क्लब में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस खत्म होने के बाद जब दोनों पक्ष उठने लगे तब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने माहौल को हल्का करते हुए सीजेपी प्रवक्ता से खुद आगे बढ़कर हाथ मिलाया.
दरअसल, वार्ता के समापन पर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक दिलचस्प और अनोखा नजारा देखने को मिला, जब संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद माहौल को हल्का करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका की तरफ रुख कर कहा, "हाथ तो मिलाओ, हाथ मिलाओ..."
यह सुनते ही आशुतोष रांका मुस्कुरा दिए और उन्होंने आगे बढ़कर जेपी नड्डा से हाथ मिलाया. इसके बाद CJP के दूसरे प्रवक्ता सौरव दास ने भी जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से हाथ मिलाया. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. देखें VIDEO:-
बता दें कि CJP 20 जून से जंतर-मंतर पर धरने का नेतृत्व कर रहा था. इस आंदोलन ने देश भर में हजारों छात्रों को एकजुट किया, जिसे प्रमुख विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला.
18 जुलाई को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाए जाने और 20 जुलाई को संसद मार्च पर हुए लाठीचार्ज के बाद विवाद चरम पर पहुंच गया था. वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे.
20 जुलाई को ही जेपी नड्डा ने अपने आवास पर CJP नेतृत्व के साथ पहली औपचारिक वार्ता की थी, जिसके बाद तीन दौर की वार्ताओं में समाधान का रास्ता निकला.
4 हफ्ते बाद फिर मिलेंगे सरकार और CJP प्रतिनिधि
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "CJP घोषणा करती है कि हम अच्छे विश्वास और इस समझ के साथ आंदोलन वापस ले रहे हैं कि तय शर्तों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा. सरकार ने 3 मई के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और सभी मुकदमे वापस लेने पर सहमति जताई है."
'अपने-अपने घर लौट जाएं आंदोलनकारी'
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने देशभर के प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा, "हमारी सभी बुनियादी मांगें मान ली गई हैं. हम सभी छात्रों और समर्थकों से अपील करते हैं कि वे शांतिपूर्वक धरना स्थलों से हट जाएं और अपने-अपने घर लौट जाएं."
4 सप्ताह बाद होगी बैठक
वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार छात्रों को दर्ज FIR की कॉपियां उपलब्ध कराएगी और भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई नहीं की जाएगी. दोनों पक्षों के बीच 5-सूत्रीय मांग पत्र और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों को लेकर अब 4 सप्ताह बाद समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी.
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