बंगाल में CID की छापेमारी, व्यापारी से 3 लाख कैश बरामद, विधायकों को पैसे मुहैया कराने का आरोप

सीआईडी के सूत्रों के मुताबिक झारखंड के 3 विधायकों का कोलकाता के इस व्यापारी से लेना देना था और इसी व्यापारी ने विधायकों को रुपए मुहैया करवाए थे. महेंद्र अग्रवाल नाम के व्यवसायी के दफ्तर छापा मारकर तीन लाख के आसपास कैश बरामद किया गया. इसके अलावा कई बैंक पासबुक और चांदी के 250 सिक्के भी छापेमारी में बरामद हुए हैं.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 03 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:04 AM IST

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में झारखंड के विधायकों की गिरफ्तारी वाले मामले में सीआईडी ने एक व्यापारी के ऑफिस में छापा मारकर 3 लाख रुपए नगद बरामद किए. सीआईडी ने कल कोलकाता के लाल बाजार इलाके में एक दफ्तर में छापा मारा. सीआईडी के सूत्रों के मुताबिक झारखंड के 3 विधायकों का कोलकाता के इस व्यापारी से लेना देना था और इसी व्यापारी ने विधायकों को रुपए मुहैया करवाए थे.

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यह तीनों विधायक इससे पहले गुवाहाटी भी गए थे और वहां एक प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात की थी. कांग्रेस ने पहले ही आरोप लगाया है कि हेमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में झारखंड सरकार में सत्ता पलट की साजिश की गई थी.

इसी सिलसिले में यहां पर छापा मारकर तीन लाख के आसपास कैश बरामद किए गए. इसके अलावा  महेंद्र अग्रवाल नाम के इस व्यवसायी के दफ्तर से कई बैंक पासबुक और चांदी के 250 सिक्के बरामद किए हैं.

दरअसल, झारखंड कांग्रेस के 3 विधायकों को 50 लाख कैश के साथ पश्चिम बंगाल के हावड़ा में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. रांची के खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कोंगारी सिमडेगा के कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी और जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी को गिरफ्तार किया गया.

गिरफ्तार विधायकों को कोर्ट में पेश किया गया. जहां से अदालत ने इन्हें 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. वहीं झारखंड कांग्रेस ने तीनों विधायकों को सस्पेंड भी कर दिया.

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झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने बताई थी बीजेपी की साजिश

कांग्रेस के विधायकों की गाड़ी पैसा मिलने के बाद पार्टी ने इसे बीजेपी की साजिश बताई थी. झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा था कि इस साजिश के पीछे बीजेपी का हाथ है. वे लंबे समय से गैर बीजेपी शासित राज्य में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं. ये बात सार्वजनिक डोमेन में है कि उन्होंने कैसे महराष्ट्र सरकार को अस्थिर किया.

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