बिहार के जमुई में नाबालिग लड़के-लड़की से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार आरोपी नंदन यादव की मां ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है. नंदन यादव की मां का कहना है कि पुलिस एक ही जाति के आरोपियों पर कार्रवाई कर रही है और दूसरे आरोपियों को बचा रही है.
आजतक की टीम ने नंदन यादव के घर पहुंचकर उसकी माता और परिवारवालों से बात की. नंदन की मां ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस उन्हें नंदन को देखने भी नहीं दे रही.
'अगर मेरे बेटे कुछ हुआ तो पुलिस होगी जिम्मेदार'
नंदन यादव की मां का कहना है कि अगर उनके बेटे को कुछ भी हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होगी. इस मामले में नंदन यादव के घर की महिलाओं में काफी आक्रोश देखने को मिला. नंदन की मां का कहना है कि इस मामले में सरकार जाति देखकर कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा, 'अगर सात आरोपी थे, तो सातों को गोली मारनी चाहिए थी. सिर्फ मेरे बेटे को ही क्यों मारा गया?' उनका कहना है कि सरकार से उनकी यही मांग है कि उनका बेटा जीवित रहना चाहिए.
जमुई मामले पर नंदन की मां ने कहा, 'लड़का-लड़की जा रहे थे, इन लोगों ने कहा कि लड़की की शादी करवा दो. इसके बाद लड़के-लड़की ने इनपर पत्थर फेंका, जिसके बाद यह घटना हुई. अब इसे सही मानें या गलत.'
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क्या है जमुई का मामला
19 सितंबर को एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले एक नाबालिग लड़के और लड़की के साथ सड़क पर कुछ लोगों ने छेड़छाड़ की. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप में लड़की के साथ छेड़छाड़ होती हुई दिखाई दे रही है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस फौरन हरकत में आई और कार्रवाई शुरू की.
मामले में तीन नाबालिग भी शामिल हैं. नंदन यादव को मुख्य आरोपी बताया गया था. उसे मंगलवार को दूसरे आरोपी हरेराम के साथ पकड़ा गया था. दोनों लोगों को एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, जिसमें वे दोनों घायल हो गए.
राकेश कुमार सिंह