भारत ने फ्रांस, इटली और अन्य यूरोपीय देशों में रहने वाले अपने नागरिकों को सलाह दी कि वे हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बीच सतर्क रहें और यात्रा करते समय सावधानी बरतें.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फ्रांस, इटली और बेल्जियम में भारतीय मिशन हालात पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और भारतीय समुदाय के लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं.
प्रभावित देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई से जुड़े एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा, 'उन्हें सतर्क रहने, बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और उन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है जहां विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.'
उन्होंने भारतीय नागरिकों को संबंधित लोकल अथॉरिटीज की ओर से जारी एडवाइजरी को फॉलो करने के लिए भी कहा है.
जायसवाल ने कहा, 'फ्रांस और इटली में हमारे दूतावासों ने भी हमारे नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसका उन्हें पालन करना चाहिए. हम विदेशों में रहने वाले अपने सभी नागरिकों की भलाई और सुरक्षा के लिए कमिटेड हैं.'
बता दें, फ्रांस में शनिवार को एक बार फिर विरोध प्रदर्शन होने जा रहे हैं. पिछले हफ्ते देश में हुई हिंसा और लूटपाट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
सरकार की कोशिश है कि इस बार प्रदर्शन के दौरान हिंसा और दंगों जैसी स्थिति दोबारा न बने. इसके लिए देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
हाल के दिनों में यूरोप के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं, जिनकी मुख्य वजह बढ़ती महंगाई बताई जा रही है. पिछले हफ्ते भी फ्रांस में विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए थे.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस के लिमोज शहर में एक ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी, सार्वजनिक संपत्ति और दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया.
अल्बानिया, फ्रांस, इटली और पुर्तगाल में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. पेरिस में हिंसा के चलते कर्फ्यू लागू किया गया. इटली ने दंगा रोधी सख्त कानून बनाए हैं.
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