दिल्ली से लेकर जयपुर तक मंडराया स्वाइन फ्लू का खतरा! अस्पतालों ने शुरू की तैयारी, दवाओं से बेड तक जुटाए जा रहे संसाधन

दिल्ली सहित कई राज्यों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े हैं. दिल्ली में लगभग 3,000 मामले सामने आए हैं, वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अस्पतालों में सभी सुविधाएं मौजूद हैं. छत्तीसगढ़ की बच्ची और राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी संक्रमित पाए गए हैं. ICMR के डॉ. राजीव बहल ने कहा कि यह कोई नया वायरस नहीं बल्कि हर साल आने वाला मौसमी फ्लू है और घबराने की जरूरत नहीं है.

Advertisement
देशभर में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू केस (Photo: PTI) देशभर में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू केस (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:57 AM IST

देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. दिल्ली में अब तक 3,000 के करीब इन्फ्लूएंजा-ए के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 2,308 मामले सीधे H1N1 के हैं. मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपात बैठक की थी. 

वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अस्पतालों में डॉक्टर, दवाएं और बेड सब कुछ पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं. जरूरतों के अनुसार और संशाधानों को जुटाया जा रहा है. दूसरी ओर ICMR के डायरेक्टर जनरल डॉ. राजीव बहल ने भी लोगों से अपील की है कि यह कोई नया वायरस नहीं बल्कि हर साल आने वाला मौसमी फ्लू है.

Advertisement

दिल्ली सरकार के मुताबिक, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं और हर मरीज को समय पर इलाज मिल रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर किसी मरीज को बेड नहीं मिलता तो संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई होगी. 

देश के दूसरे हिस्सों से भी स्वाइन फ्लू की खबरें आ रही हैं. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लगभग तीन साल की एक बच्ची में H1N1 की पुष्टि हुई है. बच्ची को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. 

राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं. उत्तर प्रदेश में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि सभी जिला अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि बुखार के हर मरीज की तुरंत जांच हो सके. गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा में भी 15 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 20 आईसीयू बेड तैयार रखे हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा स्वाइन फ्लू से संक्रमित, जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में भर्ती

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस संक्रमण से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं. मेदांता के डॉ. भरत गोपाल के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस साल मामलों में छह गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. 

निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच का खर्च 1,500 से 5,000 रुपये तक है, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह लगभग मुफ्त है. डॉक्टरों ने साफ कहा है कि बुखार, खांसी और थकान को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और खुद से एंटीबायोटिक न लें.

ICMR के डॉ. राजीव बहल ने बताया कि यह वायरस साल 2009 से ही मौजूद है और हर साल थोड़ा बदल जाता है, इसीलिए इसे नई बीमारी नहीं कहा जा सकता. उनके मुताबिक ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत 99 प्रतिशत मामलों में नहीं पड़ती. 

उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति की जांच कराना जरूरी नहीं है, केवल गंभीर लक्षण होने पर ही डॉक्टर से मिलना चाहिए. वैक्सीन की सलाह मुख्य रूप से बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को दी जा रही है, न कि हर किसी को.

Advertisement

यह भी पढ़ें: दिल्ली में बढ़ रहा H1N1स्वाइन फ्लू का खतरा! बचाव के लिए घर में रखें ये जरूरी गैजेट्स

ICMR सूत्रों के अनुसार अभी जो वायरस फैल रहा है वह A/Missouri/11/2025 स्ट्रेन का है, जो वैक्सीन में शामिल स्ट्रेन से पूरी तरह मेल खाता है. डॉक्टरों की सलाह है कि हाथ बार-बार धोएं, भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बीमार व्यक्ति से दूरी बनाएं और खांसते-छींकते समय मुंह ढकें. अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से कम हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »