‘जय हो’ नारे के साथ मैक्रों ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ... बोले- इनोवेशन में दुनिया का नेतृत्व करता है भारत

भारत की टेक्नोलॉजी में तरक्की और ग्लोबल लीडरशिप की तारीफ करते हुए मैक्रों ने कहा कि अब बहस इस बारे में नहीं है कि भारत इनोवेट करता है या नहीं, बल्कि इस बारे में है कि उसके साथ कौन इनोवेट करना चुनता है.

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मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी (Photo: X/@narendramodi) मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी (Photo: X/@narendramodi)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:37 AM IST

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम को संबोधित करते हुए 'जय हो' नारे के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की मजबूती और महत्वाकांक्षा को रेखांकित किया. मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में मैक्रों ने भारत के तकनीकी उत्थान और वैश्विक नेतृत्व की खुलकर सराहना की.

भारत की टेक्नोलॉजी में तरक्की और ग्लोबल लीडरशिप की तारीफ करते हुए मैक्रों ने कहा कि अब बहस इस बारे में नहीं है कि भारत इनोवेट करता है या नहीं, बल्कि इस बारे में है कि उसके साथ कौन इनोवेट करना चुनता है. मैक्रों ने कहा, "सवाल अब यह नहीं है कि क्या भारत इनोवेशन करता है. सवाल यह है कि भारत के साथ कौन नवाचार करेगा? और फ्रांस इसका एकमात्र स्पष्ट जवाब है. हम आपके साथ रहना चाहते हैं. जैसा कि एक प्रसिद्ध फिल्म में कहा गया है 'जय हो!' भारत-फ्रांस के संबंध अमर रहें."

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वैश्विक कंपनियों में भारतीय प्रतिभा की सराहना

मैक्रों ने दुनिया की दिग्गज कंपनियों में भारतीय मूल के सीईओ के नेतृत्व का जिक्र करते हुए भारत की प्रतिभा को सराहा. उन्होंने कहा, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, एडोब और पालो अल्टो नेटवर्क्स के सीईओ भारतीय हैं. उन्होंने विशेष रूप से लग्जरी ब्रांड शनेल (Chanel) की सीईओ का जिक्र किया, जो महाराष्ट्र के कोल्हापुर से हैं. मैक्रों के अनुसार, भारत केवल इनोवेशन में भाग नहीं लेता, बल्कि उसका नेतृत्व करता है.

रक्षा सहयोग साझेदारी की मजबूत नींव

मैक्रों ने कहा कि रक्षा क्षेत्र भारत-फ्रांस साझेदारी की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि फ्रांस ‘मेक इन इंडिया’ अभियान में भरोसेमंद सहयोगी है और दोनों देश मिलकर अगली पीढ़ी के इंजन, मल्टीरोल हेलीकॉप्टर, आधुनिक लड़ाकू विमान और पनडुब्बियों के विकास पर काम कर रहे हैं. यह सिर्फ रक्षा सौदों तक सीमित नहीं बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग का प्रतीक है.

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फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में भी मजबूत सहयोग विकसित हो रहा है. संयुक्त सैटेलाइट प्रोजेक्ट यह दिखाता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक क्षमता मिलकर कैसे बड़े परिणाम दे सकते हैं. इसके अलावा नागरिक परमाणु ऊर्जा और आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाली तकनीकों पर भी सहयोग बढ़ रहा है.

मोदी-मैक्रों की केमिस्ट्री भी चर्चा में

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों ने मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक साथ कार यात्रा भी की. मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फोटो साझा करते हुए कहा कि दोनों नेता भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए साथ जा रहे हैं.

बता दें कि मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा है. इस दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक मजबूत करने का संदेश दिया. दोनों नेताओं ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-फ्रांस गठबंधन को स्थिरता और संतुलन की ताकत बताया.

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