हॉकी इंडिया ने भारतीय पुरुष और महिला टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर भगवा कर दिया है, जिसके बाद यह मामला सियासी रंग ले चुका है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस बदलाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जर्सी बदली जाए या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास बदलने की कोशिश हो, देश की जनता सब कुछ देख और समझ रही है.
उनके इस बयान के साथ ही खेल से जुड़ा यह फैसला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. वहीं पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. नई जर्सी अगले महीने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में टीम पहनेगी, जो 15 से 30 अगस्त तक खेला जाएगा.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जंतर मंतर पर जुटे युवाओं की बातें पूरे देश की आवाज हैं. उनका कहना था कि देश की आजादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा की बुनियाद पर टिकी थी और इसमें आरएसएस की कोई भूमिका नहीं रही.
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चलाया था और देश की आत्मा भाईचारे, प्रेम और एकता में बसी है, जिसे कोई नहीं छीन सकता. उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कितनी भी नफरत फैलाई जाए या हिंसा भड़काई जाए, देश की मूल पहचान कभी खत्म नहीं होगी. इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी द्वारा दिखाए गए एक युवक के शरीर पर मिले छर्रों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर ये छर्रे कहां से आए.
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इसी बीच पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने भी जर्सी बदलने के फैसले पर नाराजगी जताई. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह फैसला शर्मिंदा करने वाला है.
उनका कहना था कि भारतीय टीम की पहचान हमेशा नीला रंग रहा है और उन्होंने खुद कई साल तक गर्व से नीली जर्सी पहनी है. फैंस टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं और भगवा रंग चुनने की कोई ठोस वजह समझ नहीं आती.
वहीं हॉकी इंडिया ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं है. संस्था के मुताबिक जर्सी का रंग बदलने का फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह पर कई दौर की बातचीत के बाद लिया गया.
मुख्य वजह तकनीकी थी क्योंकि नीली जर्सी अंतरराष्ट्रीय मैदानों की नीली सतह से मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों को पहचानना मुश्किल हो जाता था. इसी वजह से कोच और खिलाड़ियों ने पीले या भगवा रंग का सुझाव दिया और भगवा रंग को अंतिम रूप दिया गया.
संस्था ने बताया कि टीम की जर्सी पहले भी बदली जा चुकी है, 2014 वर्ल्ड कप में पीली और 2018 वर्ल्ड कप में आसमानी नीली जर्सी पहनी गई थी.
हॉकी इंडिया ने नई जर्सी को भारत के गौरव से जोड़ते हुए कहा कि भगवा रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है. जर्सी पर मंडाला डिजाइन भारत की सांस्कृतिक विरासत दिखाती है, जबकि नेवी ब्लू रंग के हिस्से अशोक चक्र से प्रेरित हैं. जर्सी के आगे देवनागरी लिपि में इंडिया लिखा गया है, जो भाषा और संस्कृति की विविधता दिखाता है.
हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिर्की की सफाई, बोले- खिलाड़ियों की पसंद थी, वर्ल्ड कप के बाद बदल सकते हैं
भारतीय हॉकी टीम की नई ऑरेंज जर्सी को लेकर जारी विवाद के बीच हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप कुमार तिर्की ने कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों, कप्तानों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के सुझाव पर लिया गया. उन्होंने कहा कि अगर विश्व कप के बाद खिलाड़ियों को यह जर्सी पसंद नहीं आती है तो भविष्य में इसे बदला भी जा सकता है.
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